शिमला, 22 जून (हि.स.)। शिमला में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में गिरफ्तार दोनों शूटरों हरियाणा के झज्जर निवासी आशीष (22) और रोहतक (25) निवासी दीपक का पुलिस रिमांड तीन दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। सात दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद सोमवार को दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग की। अदालत ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को तीन दिन के अतिरिक्त रिमांड पर भेज दिया।
जानकारी अनुसार एक सप्ताह की पूछताछ के बावजूद पुलिस अभी तक इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के कथित मास्टरमाइंड तक नहीं पहुंच पाई हैं। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार शूटर केवल वारदात को अंजाम देने वाले लोग हैं, जबकि हत्या की साजिश रचने वाले और इसके पीछे की असली वजह का खुलासा अभी होना बाकी है। इसी वजह से पूछताछ का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस विभिन्न कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
पुलिस संपत्ति विवाद के पहलू को भी गंभीरता से खंगाल रही है। मनीषा मित्तल के साथ चल रहे कथित संपत्ति संबंधी विवादों की जानकारी जुटाई जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं हत्या का संबंध इसी विवाद से तो नहीं है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी एक कारण को हत्या की वजह मानने से इनकार किया है।
इस बीच जांच का फोकस उन कुख्यात अपराधियों पर भी पहुंच गया है जिन्हें अदालत की ओर से तड़ीपार घोषित किया जा चुका है। पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश में ऐसे अपराधियों की भूमिका हो सकती है या फिर उनका नेटवर्क इस वारदात से जुड़ा हो सकता है। संदिग्धों की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है, लेकिन फिलहाल वे पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल और एक देसी कट्टा बरामद किया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपी इन हथियारों के लाइसेंस या वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार कहां से लाए गए, किसके माध्यम से उपलब्ध कराए गए और क्या इनका इस्तेमाल पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में हुआ था।
पुलिस को आशंका है कि मामला केवल व्यक्तिगत रंजिश या पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं हो सकता। पुलिस मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और आरोपियों के संपर्कों की गहन जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान कुछ नए नाम भी सामने आए हैं, जिनमें ऐसे लोग शामिल बताए जा रहे हैं जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जिनके खिलाफ पहले भी विभिन्न थानों में मामले दर्ज हो चुके हैं।
गौरतलब है कि भट्टाकुफर स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की 13 जून को स्कूल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजधानी शिमला के बीचों-बीच हुई इस वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। घटना के बाद गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और विभिन्न राज्यों की पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए करीब 40 घंटे के भीतर दो कथित शूटरों को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का दावा है कि दोनों ने वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए सुनियोजित तरीके से फरार होने का प्रयास किया था और जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उन्होंने वाहन पर फर्जी हिमाचली नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था।