सहरसा, 18 फ़रवरी (हि.स.)। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत जिले के मंडल कारा परिसर में बुधवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जेल अधीक्षक निरंजन कुमार पाण्डेय एवं उपाधीक्षक मिथलेश कुमार, कार्यकारी अधीक्षक रत्नेश्वर कुमार, फार्मेसिस्ट इंद्रजीत कुमार, ड्रेसर सुनील कुमार के पहल पर किया गया।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग एवं पीरामल फाउंडेशन ने 300 से अधिक कैदियों को फाइलेरिया रोग से बचाव के लिए डीईसी, एल्बडेंडजोल व आइवरमेक्टिन की खुराक खिलाई। साथ ही कैदियों को बीमारी के लक्षण, कारण व रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रभारी सिविल सर्जन डॉ शिव शंकर और प्रभारी अधीक्षक मिथिलेश कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मौके पर सिविल सर्जन ने बताया कार्यक्रम का उद्देश्य जेल परिसर में रह रहे सभी कैदियों को फाइलेरिया संक्रमण से सुरक्षित रखना और सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम को सफल बनाना था। कार्यक्रम के दौरान जेल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मुकेश कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि फाइलेरिया एक संक्रमणजनित रोग है, जो मच्छरों के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में हाथ-पैरों में सूजन, दर्द, बुखार तथा थकान जैसी समस्याएँ शामिल हैं।
पिरामल के प्रोग्राम लीड आलोक कुमार ने बताया कि दवा खाने से इस रोग के परजीवी शरीर में निष्क्रिय हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का प्रसार रुकता है। सभी कैदियों को डीईसी और एल्बेंडाजोल दवा सेवन कराई गई।मौके पर मंडल कारा के उपाधीक्षक मिथलेश कुमार शर्मा एवं कारा चिकित्सक डॉ. मुकेश खन्ना ने बताया कि जेल प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर सभी कैदियों को दवा सेवन कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और सभी को इसका सेवन करना चाहिए।
सभी कैदियों को फाइलेरिया के बारे में जागरूक किया गया है अभियान का संचालन आगामी तीन दिनों तक की जाएगी। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविंद्र कुमार ने बताया कि जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चल रहा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) 27 फरवरी तक जारी रहेगा।