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संचार राज्य मंत्री ने यूके के संसदीय अवर सचिव संग की द्विपक्षीय बैठक

नई दिल्ली, 18 फ़रवरी (हि.स.)। नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान बुधवार को संचार राज्य मंत्री डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने डाक भवन में यूनाइटेड किंगडम के कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं ऑनलाइन सुरक्षा के संसदीय अवर सचिव कनिष्क नारायण के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

यह बैठक भारत-यूके के 2030 रोडमैप तथा यूके-भारत प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल (टीएसआई) के तहत दूरसंचार, डिजिटल नवाचार तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत-यूके सहयोग की बढ़ती गहराई की पुनः पुष्टि करती है।

चर्चा के दौरान राज्य मंत्री ने जोर दिया कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता को दूरसंचार के भविष्य का केंद्रीय तत्व मानता है। उन्होंने कहा कि भारत के पैमाने को यूनाइटेड किंगडम की अनुसंधान क्षमताओं के साथ जोड़कर एआई-नेटिव नेटवर्क्स, ओपन आरएएन तथा 6जी में वैश्विक मानकों को आकार दिया जा सकता है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रौद्योगिकी वृद्धि और विश्वास दोनों को बढ़ावा दे। दोनों पक्षों ने दूरसंचार विभाग-डीसीएमएस समझौता ज्ञापन के तहत प्रगति की समीक्षा की तथा भारत-यूके कनेक्टिविटी एंड इनोवेशन सेंटर के कार्यान्वयन का स्वागत किया। उन्होंने भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन की भी चर्चा की तथा क्वांटम संचार तथा सुरक्षित नेटवर्क में सहयोग की अपार संभावनाओं की ओर इशारा किया।

चर्चाओं का केंद्र टेलीकॉम नेटवर्क्स के लिए एआई अनुप्रयोगों में सहयोग को गहरा करना रहा, जिसमें स्वायत्त नेटवर्क प्रबंधन, एआई-चालित साइबर सुरक्षा, स्पेक्ट्रम नवाचार तथा गैर-पृथ्वी नेटवर्क्स शामिल हैं।

दोनों पक्षों ने संयुक्त अनुसंधान, पायलट तैनाती तथा अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) तथा 3जीपीपी जैसे वैश्विक मानकीकरण मंचों में समन्वित सहभागिता में अपनी रुचि व्यक्त की।

चर्चाओं का केंद्र टेलीकॉम नेटवर्क्स के लिए एआई अनुप्रयोगों में सहयोग को गहरा करना रहा, जिसमें स्वायत्त नेटवर्क प्रबंधन, एआई-चालित साइबर सुरक्षा, स्पेक्ट्रम नवाचार तथा गैर-पृथ्वी नेटवर्क्स शामिल हैं। दोनों पक्षों ने संयुक्त अनुसंधान, पायलट तैनाती तथा अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) तथा 3 जीपीपी जैसे वैश्विक मानकीकरण मंचों में समन्वित सहभागिता में रुचि व्यक्त की।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) में प्रमुख बहुपक्षीय सहभागिताओं के लिए यूनाइटेड किंगडम का समर्थन भी मांगा, जिसमें आईटीयू के रेडियो संचार ब्यूरो (बीआर) निदेशक के पद के लिए एम. रेवती की उम्मीदवारी; 2027–2030 कार्यकाल के लिए आईटीयू परिषद में भारत के पुनर्निर्वाचन, आईटीयू महासम्मेलन (पीपी-2030) की मेजबानी के लिए भारत का प्रस्ताव शामिल है।

भारत ने अपनी तीव्र 5जी रोलआउट, ग्रामीण कनेक्टिविटी विस्तार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तथा नागरिक-केंद्रित दूरसंचार शासन पहलों को भी रेखांकित किया। बैठक में दोनों देशों में सुरक्षित, विश्वसनीय तथा भविष्य के लिए तैयार डिजिटल अवसंरचना निर्माण तथा संरचित संस्थागत सहभागिता को मजबूत करने के साझा संकल्प के साथ समाप्त हुई।

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