नई दिल्ली, 20 फरवरी (हि.स.)। भारतीय क्रिकेट के उभरते प्रतिभाशाली बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी ने कम उम्र में ही बड़े मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना ली है। आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप 2022 में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने के बाद उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से प्रभावशाली प्रदर्शन किया। हाल के घरेलू सत्र में विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी उनका बल्ला लगातार चला है।
अंगकृष का मानना है कि पिछले दो वर्षों में उनकी मानसिकता में बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2024 में निर्भीक युवा बल्लेबाज़ के रूप में पहचान बनाने के बाद अब वे टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाज़ी करना उन्होंने वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलकर सीखा है। अब उनका ध्यान व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय टीम की जीत पर अधिक केंद्रित रहता है।
अपने खेल में निखार का श्रेय वे अपने मार्गदर्शक अभिषेक नायर को देते हैं। अंगकृष के अनुसार कठिन प्रशिक्षण सत्रों ने उन्हें उनके सहज दायरे से बाहर निकाला, जिसने उनके खेल और सोच दोनों को नई दिशा दी। उन्होंने स्वीकार किया कि क्रिकेट के प्रति समर्पण और प्रेम की भावना इसी मार्गदर्शन से मजबूत हुई।
कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी बड़ी टीम का विश्वास उनके आत्मविश्वास को लगातार बढ़ा रहा है। उनका मानना है कि जब टीम आप पर भरोसा करती है तो जिम्मेदारी भी उतनी ही बढ़ जाती है और खिलाड़ी का प्रयास रहता है कि वह उस विश्वास पर खरा उतरे।
रणजी ट्रॉफी के दौरान रोहित शर्मा के साथ ड्रेसिंग कक्ष साझा करना उनके लिए सीखने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। अंगकृष ने कहा कि रोहित की तैयारी, मैच की समझ और रणनीतिक सोच से उन्हें गहरी प्रेरणा मिली।
उनके अनुसार बड़े खिलाड़ी हर मुकाबले के लिए सूक्ष्म तैयारी करते हैं और यही आदत युवा खिलाड़ियों को अपनानी चाहिए।
विश्वस्तरीय गेंदबाज़ों का सामना करने के संदर्भ में अंगकृष का कहना है कि जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज़ को खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे खिलाड़ियों के विरुद्ध बेहतर प्रदर्शन के लिए अभ्यास को भी उतना ही कठिन बनाना पड़ता है। वे अपनी तैयारी को चुनौतीपूर्ण रखकर खुद को बड़े मुकाबलों के लिए तैयार करते हैं।
अपने आदर्श खिलाड़ियों के बारे में उन्होंने बताया कि बचपन में एबी डिविलियर्स और विराट कोहली से प्रेरणा मिली, जबकि वर्तमान में शुभमन गिल को वे अपना आदर्श मानते हैं।
युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए अंगकृष ने कहा कि अधिक से अधिक समय मैदान पर बिताना चाहिए और अभ्यास को कठिन बनाना चाहिए। उनके अनुसार यदि क्रिकेट में आगे बढ़ना है तो उसे केवल खेलना नहीं, बल्कि जीना आवश्यक है।
आगामी सत्र की तैयारी के बारे में उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान मुंबई अंडर-23 टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन और टीम को जीत दिलाने पर है। चाहे प्रतियोगिता कोई भी हो, उनका लक्ष्य एक ही है — टीम की सफलता।