—आयोजन इस वर्ष मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में 17 सितम्बर से
वाराणसी, 28 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर के विश्वनाथ मंदिर के बाहर गुरूवार को “युवा धर्म संसद–2026” के पोस्टर का अनावरण उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सदस्य डॉ. हरेंद्र राय की मौजूदगी में हुआ।
अनावरण के दौरान सेवाज्ञ संस्थानम् के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की विशेष सहभागिता रही।
संस्थानम् के संरक्षक अयोध्या के संत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण महाराज द्वारा आगामी युवा धर्म संसद–2026 के लिए पंजीकरण लिंक एवं क्यूआर कोड औपचारिक रूप से जारी किया गया। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्रचेतना के संवाहक के रूप में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा युवा धर्म संसद इसी उद्देश्य को लेकर देशभर के युवाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रही है।
आयोजक संस्था के अनुसार, युवा धर्म संसद–2026 का आयोजन इस वर्ष मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन (अवंतिका) में 17 से 19 सितम्बर 2026 के बीच होगा। यह आयोजन स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो उद्बोधन की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीय विचारों के प्रति युवाओं को जागरूक करना है। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर से विद्वान, शिक्षाविद, संत-महात्मा एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन अपने विचार रखेंगे तथा लगभग 2000 से अधिक युवाओं के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
कार्यक्रम में राष्ट्र, संस्कृति, शिक्षा, अध्यात्म, युवा नेतृत्व एवं सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की उपस्थिति प्रस्तावित है। साथ ही मध्य प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भाग ले सकते हैं। पोस्टर अनावरण कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि युवा धर्म संसद केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय युवाशक्ति को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करने वाला वैचारिक अभियान है। सेवाज्ञ संस्थानम् द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं में सांस्कृतिक गौरव, आध्यात्मिक दृष्टि और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।