कोलकाता, 22 मई (हि. स.)। आर. जी. कर अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष के बेलेघाटा स्थित बदन राय लेन वाले आवास के एक हिस्से को तोड़ने का आदेश कोलकाता नगर निगम ने दिया है। आरोप है कि यह निर्माण बिना अनुमति के किया गया था और भवन के मूल नक्शे में इसका उल्लेख नहीं था। निगम की जांच में पाया गया कि घर के तीन हिस्से अनधिकृत हैं, जिनमें से एक हिस्से को हटाने का निर्देश जारी किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की टीम ने करीब दो वर्ष पहले भी इस आवास का निरीक्षण किया था और उस समय नोटिस जारी किया गया था। ताजा आदेश में कहा गया है कि संबंधित अवैध हिस्से को 45 दिनों के भीतर हटाना होगा। यह कार्रवाई 2009 के भवन नियमों की धारा 133 और 134 के उल्लंघन से जुड़ी बताई जा रही है।
इस मामले में एक शिकायतकर्ता, अंशुमान सरकार, की याचिका पर जांच और कार्रवाई की गई। सुनवाई के दौरान मकान मालिक पक्ष और शिकायतकर्ता दोनों उपस्थित थे। बाद में मकान मालिक पक्ष ने दो माह के भीतर अवैध हिस्से को स्वयं हटाने पर सहमति जताई, जिसके बाद निगम ने 45 दिन की समयसीमा निर्धारित की।
इसी बीच, आर.जी. कर अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं और एक अन्य गंभीर मामले में संदीप घोष पहले ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। वह फिलहाल वित्तीय अनियमितता मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।