तिरुचिरापल्ली, 11 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को तिरुचिरापल्ली में आयोजित राजग की जनसभा को संबोधित करते हुए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में बदलाव की लहर तेज हो रही है और राज्य की जनता डीएमके सरकार को हटाकर ऐसी सरकार चाहती है जो हर परिवार के लिए काम करे, न कि केवल एक परिवार के लिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह तमिलनाडु के लोगों से निरंतर जुड़े रहते हैं, चाहे राज्य में रैलियां हों, देशभर में व्यक्तिगत मुलाकातें हों या काशी तमिल संगमम जैसे कार्यक्रम। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता की नब्ज उन्हें साफ दिखाई दे रही है और इस चुनावी मौसम में बदलाव की इच्छा तेज होती जा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के विकास के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। हाल ही में उन्होंने मदुरै में 4400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, जबकि तिरुचिरापल्ली में लगभग 5600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इससे पहले करीब 20 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए थे।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की संस्कृति और वास्तुकला दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करती है। तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल के निर्माण के बाद लोगों ने इसकी आधुनिकता और तमिल संस्कृति की झलक की सराहना की है। उन्होंने घोषणा की कि मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दे दिया गया है, जिससे दक्षिण तमिलनाडु को वैश्विक शहरों से सीधी उड़ानों के माध्यम से जोड़ा जा सकेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को केवल कर हिस्सेदारी के माध्यम से ही लगभग तीन लाख करोड़ रुपये दिए हैं, जो पहले की कांग्रेस-डीएमके सरकार के समय से कई गुना अधिक है। पिछले दशक में राज्य में बुनियादी ढांचे के लिए मिलने वाली राशि तीन गुना बढ़ी है और राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग 57 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
डीएमके सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पार्टी में सब कुछ एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है। डीएमके “वैज्ञानिक भ्रष्टाचार मॉडल” के लिए कुख्यात है और आज उसी मॉडल के जरिए तमिलनाडु को एक परिवार के लिए एटीएम बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरुचिरापल्ली जिले से जुड़े एक मंत्री बड़े “नौकरी के बदले पैसे” घोटाले में शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कावेरी डेल्टा के किसान तमिलनाडु की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं और उन्हें उचित कीमत, बेहतर सुविधाएं और आधुनिक भंडारण ढांचा मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके ने अनाज गोदाम बनाने का वादा किया था, लेकिन आज किसान उन गोदामों को खोज रहे हैं जो कहीं दिखाई नहीं देते। इसी तरह धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का वादा भी पूरा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि अवैध बालू खनन नदियों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है लेकिन इसके लिए जिम्मेदार लोगों को डीएमके सरकार का संरक्षण मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर पड़ा है। ऐसे समय में भारत सरकार “इंडिया फर्स्ट” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल सही व प्रमाणित जानकारी ही साझा करें।