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ओडिशा में मतदाता सूची के एसआईआर के लिए 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नियुक्त

भुवनेश्वर, 03 जुलाई (हि.स.)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निगरानी के लिए 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को निर्वाचक नामावली पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। आयोग का उद्देश्य पारदर्शी, त्रुटिरहित और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं विशेष सचिव सुशांत कुमार मिश्रा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसआईआर के लिए एक जुलाई, 2026 को पात्रता तिथि निर्धारित किया गया है।

निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों में राजेश प्रभाकर पाटिल, अरविंद अग्रवाल, बलवंत सिंह, बी. परमेश्वरन, डॉ. विजय केतन उपाध्याय, डी. प्रसन्न कुमार रेड्डी, सुधांशु मोहन सामल, रश्मिता पांडा, मोहम्मद सादिक आलम और संग्राम केशरी महापात्र शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों का पर्यवेक्षण सौंपा गया है।

निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक पर्यवेक्षक पुनरीक्षण अवधि के दौरान अपने-अपने जिलों का कम से कम तीन बार दौरा करेगा। जिला मुख्यालयों की समीक्षा के साथ-साथ वे विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों का भी निरीक्षण करेंगे, ताकि पुनरीक्षण कार्य की जमीनी स्तर पर प्रगति का आकलन किया जा सके।

अपने दौरे के दौरान पर्यवेक्षक संबंधित क्षेत्र के सांसदों, विधायकों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों, शिकायतों और सुझावों पर चर्चा की जाएगी तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया में सभी पक्षों के सहयोग का आग्रह किया जाएगा। आम नागरिकों को भी पर्यवेक्षकों से मिलकर मतदाता सूची संबंधी शिकायतें और सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने की दर जिला औसत से एक प्रतिशत अधिक या किसी विधानसभा क्षेत्र में तीन प्रतिशत से अधिक होगी, वहां संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट का पर्यवेक्षक स्वयं गहन परीक्षण करेंगे।

मैदानी निरीक्षण के बाद सभी पर्यवेक्षक अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, ओडिशा को सौंपेंगे, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और मतदाता सूची की पारदर्शिता एवं शुद्धता बनी रहे।

इस बीच, एसआईआर-2026 के तहत गणना प्रपत्रों के वितरण और संग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 जुलाई, 2026 को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

निर्वाचन आयोग ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 5 जुलाई से 4 अगस्त, 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। नए मतदाता अपना नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, किसी नाम को हटाने के लिए फॉर्म-7 तथा मतदाता सूची में किसी प्रकार के संशोधन या त्रुटि सुधार के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोहराया कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य एक निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित हो सके।

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