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मप्र के इंदौर में 600 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स हब होगा स्थापित

इंदौर, 10 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहे इंदौर को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) द्वारा एक्सएसआईओ लॉजिस्टिक्स कंपनी को इंदौर के ग्राम माचल में 23.33 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। यहां कंपनी द्वारा 600 करोड़ रुपये के निवेश से एक अत्याधुनिक एवं एकीकृत लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किया जाएगा।

एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने बुधवार को बताया कि इस परियोजना में वैश्विक निवेश कंपनी ब्लैकस्टोन द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) किया जा रहा है। प्रस्तावित लॉजिस्टिक्स पार्क में 600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा तथा इसके माध्यम से 4,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होना प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना प्रदेश में लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रस्तावित लॉजिस्टिक्स हब का सीधा संपर्क इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से होगा। साथ ही यह परियोजना इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी जुड़ी होगी, जिससे माल परिवहन की गति और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह सुविधा विशेष रूप से पिथमपुर सेक्टर-7, मोहना औद्योगिक क्षेत्र तथा आसपास स्थित औद्योगिक इकाइयों को विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध कराएगी।

एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक प्रजापति ने बताया कि यह नया लॉजिस्टिक्स पार्क पश्चिमी इंदौर क्षेत्र में विकसित हो रहे व्यापक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। पहले से विकसित हो रहे 1,110 करोड़ रुपये के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी), पीथमपुर तथा कानकोर द्वारा संचालित आई.सी.डी. टीही की लॉजिस्टिक्स सुविधा के साथ मिलकर यह परियोजना इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र में एक मजबूत एवं समग्र लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम का निर्माण करेगी जो लॉजिस्टिक्स लागत को लगातार खत्म करेगी।

प्रजापति के अनुसार, इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से इंदौर एवं पीथमपुर क्षेत्र देश के प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों में अपनी स्थिति और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश में निवेश, उद्योग एवं रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा। परियोजना के क्रियान्वयन हेतु कंपनी को शासन स्तर से अपेक्षित हर वांछित सहयोग प्रदान किया जायेगा जिससे शीघ्र अतिशीघ्र यह परियोजना धरातल पर आ सके।

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