नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। राजधानी में पूर्वोत्तर राज्यों के नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माेतीबाग स्थित एसपीयूडब्ल्यूएसी भवन में हुई, जिसमें सिक्किम राज्य महिला आयोग और दिल्ली पुलिस की विशेष इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में सिक्किम राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष टैन डोमा भूटिया, सदस्य सचिव यौसा लाचेनपा सहित आयोग के अन्य सदस्य मौजूद रहे। वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से संयुक्त पुलिस आयुक्त नबाम गुंगते और पुलिस उपायुक्त अंजिता चेप्याला समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।
पुलिस उपायुक्त अंजिता चेप्याला के अनुसार बैठक के दौरान दिल्ली पुलिस की विशेष इकाइयों—महिला उत्पीड़न निरोधक प्रकोष्ठ और पूर्वोत्तर क्षेत्रीय इकाई—के कामकाज पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें बताया गया कि महिलाओं, बच्चों और पूर्वोत्तर के नागरिकों के खिलाफ अपराधों के मामलों में दिल्ली पुलिस ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति पर काम कर रही है।
अधिकारियों ने इन इकाइयों के विभिन्न प्रभागों और उनकी कार्यप्रणाली की भी विस्तार से जानकारी दी। प्रस्तुति के माध्यम से यह समझाया गया कि किस तरह शिकायतों के त्वरित निस्तारण और पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सिक्किम राज्य महिला आयोग के प्रतिनिधियों ने दिल्ली पुलिस की इन पहलों की सराहना की और कहा कि इस तरह की व्यवस्थाएं अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक हैं। उन्होंने विशेष रूप से पूर्वोत्तर के नागरिकों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर संयुक्त पुलिस आयुक्त नबाम गुंगते ने अधिकारियों और प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर और अधिक सक्रियता से काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे और अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। पुलिस का कहना है कि इस तरह की बैठकों से विभिन्न राज्यों और एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत होता है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनती है।