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लव जिहाद के मामले में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी और विवेचक निलंबित, डीसीपी और एसीपी से भी मांगा जवाब

नोएडा, 19 मार्च (हि.स.)। दलित महिला के साथ धर्म छुपाकर दोस्ती करने, शादी का झांसा देकर बलात्कार करने और जबरन धर्म परिवर्तन करवाने का प्रयास करने के मामले में पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बृहस्पतिवार को थाना प्रभारी और विवेचक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने पुलिस उपायुक्त से स्पष्टीकरण मांगा है। जबकि सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी और विवेचन की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि थाना फेस- तीन क्षेत्र में रहने वाली एक दलित महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके साथ एक व्यक्ति ने धर्म छुपा कर दोस्ती की तथा उसने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। महिला के अनुसार आरोपित उसका जबरन धर्म परिवर्तन करना चाह रहा था। महिला का यह अभी आरोप है कि आरोपित ने उसे ब्लैकमेल करके उससे लाखों रुपया ले लिया।

इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने मंगलवार की रात को थाना फेस- 3 का घेराव किया था, तथा जमकर नारेबाजी की थी। उन्होंने बताया कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया तथा जांच में पाया गया कि इसमें पुलिस ने लापरवाही बरती है। इस मामले में धारा 5 (3) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और 3(2) 5 एसटी एक्ट का समावेश नहीं किया गया। सुसंगत धाराओं का समावेश नहीं होने के कारण डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी से स्पष्टीकरण मांगा गया है, तथा सहायक पुलिस आयुक्त सेंट्रल नोएडा- प्रथम उमेश यादव की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। थाना प्रभारी फेस- 3 पुनीत कुमार और विवेचन उप निरीक्षक प्रीति गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि एसीपी उमेश यादव, थाना प्रभारी पुनीत कुमार और विवेचन प्रीति गुप्ता की विभागीय जांच अपर पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह को सौंपी गई है। पुलिस आयुक्त के इस कड़े रूख से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

बताया जाता है कि पीड़िता मूलरूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली है। वह पिछले कई सालों से थाना फेस-3 क्षेत्र में रहकर एक निजी कंपनी में काम कर रही है। लगभग दो साल पहले सोशल मीडिया पर एक युवक से उसकी जान-पहचान हुई। खास समुदाय के इस युवक ने खुद को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले का निवासी बताया और पीड़िता के ही धर्म का होने का दावा किया। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती बढ़ गई। आरोपित ने शादी का लालच दिया और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इसी बीच उसने पीड़िता का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई बार लाखों रुपये वसूल लिए। हाल ही में पीड़िता को पता चला कि आरोपित खास समुदाय का है। उसने धर्म छिपाकर प्यार के जाल में फंसाकर उसे धोखा दिया। जब आरोपित की हकीकत खुली, तो पीड़िता ने पुलिस शिकायत की धमकी दी। उसके बाद आरोपित नोएडा से फरार हो गया। पीड़िता का दावा है कि वह एक महीने से पुलिस से लगातार न्याय की गुहार लगा रही थी। इसी दौरान महिला हिंदू संगठन के संपर्क में आई। मंगलवार शाम बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता थाना फेस-3 पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही और महिला एसआई पर बद्तमीजी का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया और पुलिस विरोधी नारे लगाए।

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