शिमला, 29 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले ही मौसम ने तांडव दिखाना शुरू कर दिया है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में जहालमा नाले में अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार शाम करीब चार बजे नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाया गया अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तेज बहाव में बह गया। इसके बाद मनाली-उदयपुर और पांगी-किलाड़ सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।
सड़क संपर्क टूटने से नाले के दोनों ओर कई वाहन फंस गए हैं। यात्रियों, स्थानीय लोगों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोग आवश्यक कार्यों के लिए आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं और सड़क बंद होने से दूर-दराज के इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन मार्ग बहाल होने तक लोगों की दिक्कतें बनी रहने की आशंका है।
इस समय लाहौल घाटी में कृषि और बागवानी गतिविधियां भी अपने महत्वपूर्ण दौर में हैं। कई क्षेत्रों में फसल तैयार है और किसान अपनी उपज को मंडियों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। सड़क बंद होने के कारण फलों और अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन पर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मार्ग जल्द बहाल नहीं हुआ तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। परिवहन व्यवस्था ठप होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक जहालमा नाले पर स्थायी पुल के निर्माण का कार्य जारी है, लेकिन इसके पूरा होने में अभी समय लगेगा। ऐसे में प्रभावित लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और सड़क संपर्क बहाल करने की मांग की है।
उधर, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के हिमाचल में प्रवेश से पहले बीती रात और सोमवार तड़के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी शिमला समेत अनेक स्थानों पर वर्षा होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून के हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान मंडी जिले के मुरारी देवी में 63.6 मिलीमीटर, बिलासपुर के ब्रह्माणी में 51.4 मिलीमीटर और घाघस में 50 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शिमला जिले के शिलारू में 33.6 मिलीमीटर तथा शिमला शहर में 13.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने 30 जून व एक जुलाई को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तेज हवाओं, गर्जन और आकाशीय बिजली का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं दो और तीन जुलाई के लिए कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी।
बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को शिमला का अधिकतम तापमान 4 डिग्री लुढ़ककर 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऊना 36 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, लेकिन ऊना के पारे में 2 डिग्री की गिरावट आई है। मनाली शिमला से गर्म रहा और यहां अधिकतम तापमान 29.4 डिग्रि पहुंच गयं, जो सामान्य से 2.5 डिग्री।ज्यादा है।