जयपुर, 20 मई (हि.स.)। सीआईडी क्राइम ब्रांच पुलिस मुख्यालय की स्पेशल टीम ने अलवर के चर्चित जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट के मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपित पोरस उर्फ पोरस भारद्वाज निवासी दहमी थाना बहरोड़ को भी दस्तयाब किया गया है। आरोपित करीब तीन साल से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए हरिद्वार, गुरुग्राम, दिल्ली, जयपुर, रोहतक और झज्जर सहित कई शहरों में लगातार ठिकाने बदल रहा था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। उपमहानिरीक्षक पुलिस राशी डोगरा डूडी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा अग्रवाल के सुपरविजन में उप निरीक्षक शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित सीआईडी-सीबी की स्पेशल टीम ने आरोपित को हरियाणा के झज्जर क्षेत्र से दस्तयाब किया।
आरोपित पोरस पुत्र मोहन भारद्वाज निवासी दहमी थाना बहरोड़, अलवर के खिलाफ विशेष न्यायाधीश एससी,एसटी कोर्ट अलवर द्वारा स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ था। आरोपी लंबे समय से पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में छिपकर फरारी काट रहा था। सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम पिछले कई दिनों से आरोपित के तमाम संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान उप निरीक्षक शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल कृष्ण गोपाल शर्मा और अरुण कुमार शर्मा को पुख्ता मुखबिर सूचना और तकनीकी इनपुट मिले कि आरोपी वर्तमान में हरियाणा के झज्जर इलाके में शरण लिए हुए है।
इस सटीक इनपुट पर सीआईडी सीबी की स्पेशल टीम ने तत्काल हरियाणा के झज्जर में सुनियोजित घेराबंदी कर दबिश दी और आरोपी पोरस भारद्वाज को चारों तरफ से घेर कर दस्तयाब कर लिया। आरोपी को दबोचने के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए अलवर शहर के थाना कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है।
यह मामला 30 अगस्त 2023 की रात अलवर शहर कोतवाली क्षेत्र का है, जब हरनेक सिंह उर्फ पप्पी और उसका चचेरा भाई प्रदीप सिंह उर्फ मोगली पर हथियारों से लैस बदमाशों ने हमला कर दिया था। आरोपियों ने तलवार, फर्सी और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर प्रदीप सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। साथ ही जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप भी लगाया गया था।
मामले में शहर कोतवाली थाना, अलवर में आईपीसी की सम्बंधित धाराओं एवं एससी,एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। काफी तलाश के बाद भी गिरफ्तारी न होने के कारण आरोपी की सूचना देने वाले के लिए जिला एसपी द्वारा दस का इनाम घोषित किया गया था।
इससे पहले सीआईडी-सीबी की टीम ने इसी मामले में मुख्य आरोपित अभय राज उर्फ दानव को जयपुर के राजा पार्क इलाके से गिरफ्तार किया था। अब दूसरे आरोपी पोरस भारद्वाज की गिरफ्तारी के साथ पुलिस को मामले में एक और बड़ी सफलता मिली है।
उप निरीक्षक शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल कृष्ण गोपाल शर्मा और अरुण कुमार शर्मा की विशेष भूमिका, वहीं हेड कांस्टेबल बृजेश शर्मा एवं कांस्टेबल सोहन देव यादव तकनीकी भूमिका रही।