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जानें, क्यों मनाई जाती है नवरात्रि, इन मंत्रों का जाप कर पाएं मां की असीम कृपा

(न्यूज़ dnn नेटवर्क): नवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। नवरात्रि का अर्थ है नौ रातें। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। दसवां दिन दशहरा के नाम से प्रसिद्ध है। इस त्योहार को पूरे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। सैद्धांतिक रूप से साल में चार नवरात्रि- शारदीय नवरात्रि, वसंत नवरात्रि, माघ नवरात्रि और अक्षदा नवरात्रि पड़ती है,

तीन सौ साल पुरानी हो चली है सोमराबाजार विश्वास की दुर्गा पूजा

हुगली, 21 सितम्बर (हि.स.)। राज्य के हुगली जिले के सोमराबाजार विश्वास की दुर्गापूजा करीब 300 साल पुरानी हो चली है। लोग इसे सुखरिया राजबाड़ी के नाम से जानते हैं। यहां शिवमहिनि तथा आनन्दमहिनी देवी की पूजा की जाती है। किंवदन्ती है कि यह घर कुलदेवता श्याम राय का है। पहले उन्हीं की यहां जमींदारी चलती थी। यहां आज भी पुरानी रीति-निति मानते हुए दुर्गापूजा मनाई जाती है। कभी यहां भेड़-बकरे

इस बार नवरात्रि में बनेंगे विशेष योग, नौ दिन होंगे सुख-समृद्धिदायक

भोपाल, 15 सितम्बर (हि.स.)। देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी मां दुर्गा की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र धूमधाम से मनाया जाता है। आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को आगामी 21 सितम्बर से नवरात्र का शुभारंभ होगा और यह पर्व 30 सितम्बर तक चलेगा। इस बार यह नवरात्रि के दौरान गृह-नक्षत्रों के विशेष योग बन रहे हैं, जिसके चलते इस पर्व के नौ दिन सुख

शारदीय नवरात्र 21 से, जाने घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

हरिद्वार, 12 सितम्बर (हि.स.)। नवरात्र भारतवर्ष में शक्ति के उपासकों के लिए श्रेष्ठ पर्व है। इस दौरान मां के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। वैसे तो एक वर्ष में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीनों में कुल चार बार नवरात्र आते हैं, लेकिन चैत्र और आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक पड़ने वाले नवरात्र लोकप्रिय हैं। शेष दो नवरात्र को गुप्त नवरात्र

अर्द्धकुंभ के पहले इलाहाबाद का नाम प्रयाग करने की तैयारी

इलाहाबाद, 08 सितम्बर (हि.स.)। वर्ष 2019 का अर्द्धकुंभ शहर के लिए कई सौगातें लेकर आएगा। आयोजन के पूर्व इलाहाबाद का नाम प्रयाग भी किये जाने की चर्चा है। शिलान्यास करने शहर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद को प्रयाग के नाम से ही संबोधित किया। इससे पूर्व शहर आए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघसंचालक मोहन भागवत ने भी संबोधन में इलाहाबाद का नाम नहीं लिया, जब भी अवसर

21 महत्वपूर्ण रस्में निभाई जाती हैं विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में

जगदलपुर, 02 सितम्बर (हि.स.)। पचहत्तर दिवसीय विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की मुख्य रस्मों में एक डेरी गड़ाई की रस्म चार सितम्बर को सिरहासार भवन में निभाई परम्परानुसार जाएगी। बिरिंगपाल से लाई गई सरगी की लकड़ी को लाई, चना, मोंगरी मछली व अंडा चढ़ाकर प्रतिस्थापित किया जा चुका है। बस्तर दशहरा पर्व के तहत पाट जात्रा के बाद डेरी गड़ाई दूसरी रस्म है। इसके बाद रथ के लिए लकड़ी लाने का

कामदगिरि के मुखारविंद से 46 वर्ष बाद निकली दूध की धारा

चित्रकूट, 31 अगस्त (हि.स.)। धार्मिक स्थल चित्रकूट में गुरुवार को उस समय चमत्कार देखा गया जब कामदगिरि मंदिर के पुजारी ने कपाट खोला। पुजारी के अनुसार जब कपाट खुले तो कामदगिरि के मुखारविंद से दूध की धार बह रही थी। जैसे ही इस चमत्कार की जानकारी श्रद्धालुओं को हुई तो वहां पर देखने के लिए तांता लग गया। पौराणिक एवं ऐतिहासिक तीर्थ स्थल चित्रकूट तमाम विचित्र घटनाओं से जाना जाता

तिथियों में घट-बढ़ से 11 दिन का होगा गणेशोत्सव

भोपाल/इंदौर, 19 अगस्त (हि.स.)। गणेशजी इस बार घरों में 10 के बजाय 11 दिन तक विराजेंगे। 5 सितंबर को विसर्जन सुबह होगा और दोपहर के बाद से श्राद्ध पक्ष की शुरुआत हो जाएगी। तिथियों में घटबढ़ के चलते दशमी तिथि दो दिन तक रहेगी। वहीं अनंत चतुदर्शी पांच सितम्बर को दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगी, उसके बाद पूर्र्णिमा तिथि लग जाएगी। तिथियों की घट-बढ़ के चलते इस बार

साल में एक बार खुलता है चमत्कारिक लिंगेश्वरी मंदिर का द्वार

जगदलपुर, 17 अगस्त (हि.स)। बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले के आलोर क्षेत्र में स्थित देवी लिंगेश्वरी का द्वार जो केवल साल में एक बार ही खुलता है। इस मंदिर में निसंतान दंपत्तियों एवं दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ती है। फरसगांव के पश्चिम में नौ किमी दूर बड़े डोंगर मार्ग पर ग्राम आलोर में स्थित है। ग्राम से दो किमी दूर उत्तर पश्चिम में एक पहाड़ी है, जिसे लिंगाई माता के नाम

नगर भ्रमण पर निकले भगवान महाकाल, पांच रूपों में दिए दर्शन

उज्जैन, 08 अगस्त (हि.स.)। राजाधिराज भगवान महाकाल श्रावण माह के पांचवे और अंतिम सोमवार की शाम अपनी प्रजा को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। भगवान महाकाल ने अपनी प्रजा को पांचवी सवारी में पांच रूपों में दर्शन दिये। सवारी निकलने के पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन करने के बाद निर्धारित समय से भगवान महाकाल की पालकी को नगर भ्रमण के लिए रवाना

रामघाट पर हुआ भगवान चंद्रमौलेश्वर का जलाभिषेक

उज्जैन, 08 अगस्त (हि.स.)। श्रावण मास के पांचवें सोमवार को देर शाम भगवान महाकालेश्वर की सवारी बैण्ड-बाजों, हाथी-घोड़ों एवं कड़ाबीन के धमाके के साथ रामघाट पहुंची। रामघाट पर मां शिप्रा के पवित्र जल से भगवान महाकाल के चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का जलाभिषेक व पूजन हुआ। पालकी में भगवान चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में विराजित थे। शिप्रा तट पर विधि-विधान से पूजन एवं अर्चन पुरोहितों के दल द्वारा करवाया गया। भगवान महाकालेश्वर की पालकी

अमरनाथ यात्रा सम्पन्न, गृह मंत्रालय ने ली चैन की सांस

नई दिल्ली, 07 अगस्त (हि.स.) । लगातार चालीस दिनों चली पवित्र अमरनाथ यात्रा आज सोमवार को समाप्त हो गयी। इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राहत की साँस ली है। अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले के बाद केंद्र सरकार की सुरक्षा में चूक को लेकर हुई किरकिरी के बाद अतिरिक्त सतर्कता बरती गयी थी। जिससे यात्रा उक्त हमले के बाद अनवरत जारी रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस साल

उत्तर भारत का अनोखा मंदिर है उत्तर प्रदेश के महोबा का शिव तांडव

महोबा, 31 जुलाई (एजेंसी.)। महोबा के विख्यात शिव तांडव मंदिर में उत्तर भारत की अनोखी शिव प्रतिमा स्थापित है। एक हजार साल से अधिक प्राचीन भगवान शंकर की तांडव नृत्य करती इतनी विशाल व सिद्ध मूर्ति उत्तर भारत में कहीं और नहीं पाई जाती। सावन के महीने में जब शिव पूजन व दर्शन के लिए लोग दूर-दूर तक जाते हैं तब इस अनोखी प्रतिमा का दर्शन उनके लिए सब प्रकार

पढ़े सोमवार का राशिफल

युगाब्ध-5118, विक्रम संवत 2074, राष्ट्रीय शक संवत-1939 सूर्योदय 05.21, सूर्यास्त 06.39, ग्रीष्म-ऋतु, रवि-उत्तरायण श्रावण शुक्ल पक्ष अष्टमी, सोमवार, 31 जुलाई – 2017 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़े आज का भविष्यफल। मेष राशि:- दैनिक कार्यों से बाहर निकलकर आज आप घूमने-फिरने और मनोरंजन के पीछे समय बिताएंगे। स्वजनों तथा मित्रों

जानें क्यों मनाई जाती है नागपंचमी, कैसे पा सकते हैं भोले शंकर की असीम कृपा

देशभर में शुक्रवार को नागपंचमी त्यौहार की धूम है| हर साल श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को नाग पंचमी मनाई जाती है। शिव भक्तों के लिए श्रावण महीने का विशेष महत्व होता है। यह महीना पूर्ण रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है और भगवान शिव के जीवन में सांपों का विशेष स्थान रहा है, इसलिए यह दिन शिव भक्तों के लिए और भी खास हो जाता है। इसलिए