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देवी-देवताओं का उपहास उड़ाने वालों के खिलाफ मुकदमे के लिए पतंजलि में बनेगी विशेष टीम : रामदेव


देवी-देवताओं का उपहास उड़ाने वालों के खिलाफ मुकदमे के लिए पतंजलि में बनेगी विशेष टीम : रामदेव

-मालागांव में हर्बल कुंभ का समापन, अगले वर्ष अक्टूबर में होगा व्यापक आयोजन

पौड़ी गढ़वाल, 06 नवंबर (हि.स.)। उत्तरांखड के पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित मालागांव में आयोजित तीन दिवसीय हर्बल कुंभ-जड़ी-बूटी कृषि मेला एवं श्री धन्वंतरि धाम महोत्सव का शुक्रवार को समापन हुआ। समापन समारोह में योग ऋषि स्वामी रामदेव ने सनातन धर्म और देवी-देवताओं का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि भगवान राम, कृष्ण, हनुमान सहित अन्य देवी-देवताओं का उपहास उड़ाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पतंजलि में विशेष टीम गठित की जाएगी।

स्वामी रामदेव ने कहा कि आज ईश्वर और अवतारी सत्ताओं पर आक्षेप लगाने वालों के समर्थन में भी लोग खड़े हो जाते हैं। किसी को हमारे आराध्यों का अपमान करने का अधिकार किसने दिया है। देवी-देवताओं पर जूते मारने जैसी घटनाओं को उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक पाप बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, आस्था और महापुरुष का अनादर नहीं होना चाहिए। यदि कोई मोहम्मद साहब या ईसा मसीह के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करे तो क्या होगा, इस पर भी विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब सनातन का आवरण ओढ़कर बैठे लोगों को भी बेनकाब करने की आवश्यकता है। साथ ही सभी धर्मों के प्रति उदारता का संदेश देते हुए कहा कि कोई किसी का मजाक न उड़ाए। आनंदपूर्वक जीवन जिएं, सभी से प्रेम रखें। परमात्मा से प्रेम, गुरु का आश्रय और भक्ति ही सनातन का वास्तविक मार्ग है।

शास्त्रों में मिलावट के मुद्दे पर भी उन्होंने कुछ संतों की चुप्पी पर सवाल उठाए।

स्वामी रामदेव ने श्री धन्वंतरि धाम के निर्माण में आचार्य बालकृष्ण के पांच वर्षों के अखंड पुरुषार्थ की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्थान अब उनकी कर्मस्थली और तपस्थली बन चुका है।

वहीं, आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि श्री धन्वंतरि धाम प्राचीनता और आधुनिकता का बेजोड़ संगम बनेगा। हर्बल आधुनिक अवधारणा है, जबकि कुंभ सनातन संस्कृति का मूल तत्व है। यहां नॉलेज पाथ, इंटरटेनमेंट पार्क, एडवेंचर स्पोर्ट्स, साइकिलिंग ट्रैक और साधना के लिए विशेष गुफाएं बनाई जा रही हैं। यह केंद्र जड़ी-बूटी, आयुर्वेद के साथ ज्ञान, संस्कृति, पर्यटन और प्रशिक्षण का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

4 से 6 नवंबर तक चले इस हर्बल कुंभ में 2500 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि 500 से अधिक लोग यहां रुके। आयोजन को अगले वर्ष अक्टूबर में और व्यापक स्वरूप में आयोजित करने की घोषणा की गई।

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