कोर्ट में सरेंडर करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लेकर की पूछताछ
5 फरवरी को हाथरस रोड पर चंद्रा फार्म हाउस के निकट फिल्मी अंदाज में की गई थी भारतीय सेना जवान की हत्या
हाथरस, 23 मई (हि.स.)। सादाबाद थाना क्षेत्र में बहुचर्चित भारतीय सेना के जवान अखिलेश कुमार की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने दुस्साहसिक हत्याकांड में शामिल और कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाले दो आरोपियों को अलीगढ़ जेल से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया। पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपियों ने कत्ल के राज उगल दिए। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए 315 बोर के 2 तमंचे, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त एक बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में पुलिस अब तक कुल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम समदपुर निवासी भारतीय सेना के सैनिक अखिलेश कुमार पुत्र देवेंद्र सिंह की 5 फरवरी 2026 को फिल्मी और खौफनाक अंदाज में हत्या कर दी गई थी। मृतक की बहन डौली कुमारी ने सादाबाद थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया था कि उनका भाई अखिलेश हाथरस न्यायालय से अपनी तारीख पूरी कर अपने एक मित्र की कार से आगरा लौट रहा था। तभी चन्द्रा फार्म हाउस के पास पहले से घात लगाए बैठे ईको कार और मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया और अखिलेश पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियों से छलनी अखिलेश की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। फौजी की इस नृशंस हत्या को पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बेहद गंभीरता से लिया था और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी व हथियारों की बरामदगी के सख्त निर्देश दिए थे। पुलिस के भारी दबाव और एनकाउंटर के खौफ से इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों- यतेन्द्र पुत्र सत्यवीर सिंह, निवासी ग्राम खजुरिया, थाना मुरसान और आशीष शर्मा पुत्र सुरेश चंद्र, निवासी ग्राम हीरागढ़ी, थाना चंदपा ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद उन्हें अलीगढ़ जेल भेज दिया गया था। न्यायालय के आदेश पर सादाबाद पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को अलीगढ़ जेल से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया। प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह के नेतृत्व में जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने वारदात में इस्तेमाल हथियारों के ठिकाने उगल दिए। पुलिस ने उनकी सटीक निशानदेही पर कत्ल में प्रयुक्त 315 बोर के 2 तमंचे, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और भागने में इस्तेमाल की गई एक बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद कर ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए सभी हथियारों और कारतूसों को बैलिस्टिक मिलान के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है, ताकि अदालत में पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए जा सकें।