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जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में चूना पत्थर ब्लॉक की नीलामी का दूसरा चरण मंगलवार से

नई दिल्ली, 11 मई (हि.स)। खान मंत्रालय 12 मई को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में 12 चूना पत्थर ब्लॉकों की नीलामी का दूसरा चरण शुरू करेगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, राजस्व उत्पन्न करना और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।

खान मंत्रालय की ओर से यह पहल पहले सफल चरण के बाद शुरू की जा रही है और इसमें ऐसे ब्लॉक शामिल हैं, जिनमें महत्वपूर्ण औद्योगिक-श्रेणी के भंडार मौजूद हैं। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में होने वाले समारोह में खान मंत्रालय के सचिव पीयूष गोयल मुख्य अतिथि होंगे। जम्मू-कश्मीर सरकार के अपर मुख्य सचिव अश्वनी कुमार, खान मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

खान मंत्रालय ने कहा कि दूसरे चरण के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार के सहयोग से 12 चूना पत्थर के ब्लॉकों की नीलामी करेगा। ये ब्लॉक अनंतनाग, राजौरी और पुंछ जिलों में स्थित हैं, इनमें नव चिन्हित ब्लॉक और दूसरी बार पुनः नीलाम किए जा रहे ब्लॉक दोनों शामिल हैं, जो संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल और उद्योग जगत की सतत भागीदारी को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

इन ब्लॉकों को व्यापक रूप से यूएनएफसी जी3 और जी4 अन्वेषण चरणों के तहत वर्गीकृत किया गया है, जो पर्याप्त औद्योगिक-श्रेणी के चूना पत्थर भंडार के साथ आशाजनक भूवैज्ञानिक क्षमता का संकेत देते हैं। ये संसाधन सीमेंट, निर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं और क्षेत्र में औद्योगिक विकास और आर्थिक उन्नति में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका की उम्मीद है।

मंत्रालय ने कहा कि यह नीलामी खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 और खनिज (नीलामी) नियम, 2015 (संशोधित रूप में) के प्रावधानों के तहत आयोजित की जा रही है। यह प्रक्रिया पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और वैश्विक सर्वोत्तम प्रणालियों के अनुरूप बनाई गई है, जिसमें बोली प्रक्रिया डिजिटल ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जाएगी।

इस अवसर पर केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश सरकार की जम्मू-कश्मीर में खनिज विकास, औद्योगिक विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति को गति देने की साझा प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला जाएगा। खान मंत्रालय वैज्ञानिक और सतत खनन प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन ब्लॉकों की सफल नीलामी और संचालन से पर्याप्त राजस्व प्राप्त होने, रोजगार के अवसर सृजित होने, औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने और जम्मू-कश्मीर के समावेशी विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है।

मंत्रालय ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में खनिज ब्लॉकों की नीलामी की सफल शुरुआत के बाद यह क्षेत्र की खनिज क्षमता का दोहन करने और विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन में इसके योगदान को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

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