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चित्रकार एम.एफ. हुसैन को ममता ने दी श्रद्धांजलि


कोलकाता, 17 सितम्बर (हि.स.)। मशहूर चित्रकार एम.एफ. हुसैन को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जयंती के मौके पर याद किया। मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट संदेश में लिखा, "आज मशहूर चित्रकार एम.एफ. हुसैन की जयंती है। इस मौके पर मैं उन्हें प्रेमपूर्वक याद कर श्रद्धांजलि दे रही हूं।" 

मक़बूल फ़िदा हुसैन का जन्म 17 सितम्बर,1915 में पंढरपुर में हुआ था। एमएफ हुसैन के नाम से जाने जाने वाले वे भारतीय चित्रकार थे। एक कलाकार के तौर पर उन्हे सबसे पहले 1940 के दशक में ख्याति मिली। 1952 में उनकी पहली एकल प्रदर्शनी ज़्युरिक में हुई। इसके बाद उनकी कलाकृतियों की अनेक प्रदर्शनियां यूरोप और अमेरिका में हुईं। 1966 में भारत सरकार ने उन्हे पद्मश्री से सम्मानित किया। उसके एक साल बाद उन्होने अपनी पहली फ़िल्म बनायी: थ्रू द आइज़ ऑफ अ पेन्टर (चित्रकार की दृष्टि से)। यह फ़िल्म बर्लिन उत्सव में दिखायी गयी और उसे 'गोल्डेन बियर' से पुरस्कृत किया गया। भारतीय देवी-देवताओं पर बनाई, इनकी विवादित पेंटिंग को लेकर भारत के कई हिस्सों में प्रदर्शन भी हुए। भारत माता की विवादित पेंटिंग बनाने पर पत्रकार तेजपाल सिंह धामा एमएफ हुसैन से एक पत्रकार वार्ता के दौरान उलझ बैठे थे। बाद में 2006 में हुसैन ने हिन्दुस्तान छोड़ दिया था और तभी से लंदन में रह रहे थे। 2010 में कतर ने उनके सामने नागरिकता का प्रस्ताव रखा, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। 2008 में भारत माता पर बनाई पेंटिंग्स के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमे पर न्यायाधीश की एक टिप्पणी "एक पेंटर को इस उम्र में घर में ही रहना चाहिए" जिससे उन्हें गहरा सदमा लगा और उन्होंने इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील भी की। हालांकि इसे अस्वीकार कर दिया गया था। 09 जून,2011 को लंदन में इनका निधन हुआ था।

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