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खुले में शौच करने जा रहे ग्रामीणों से अफसरों ने की मारपीट, वीडियो वायरल

 

जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश, दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई 
बेगूसराय,04 अक्टूबर(हि.स.)। बेगूसराय जिला को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया है। अब लोगों को बनाए गए शौचालय का उपयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए डीएम द्वारा सभी अधिकारियों को मॉर्निंग, इवनिंग फालोअप करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन इसके नाम पर अधिकारी द्वारा लोगों के साथ मारपीट, गाली-गलौज एवं महिलाओं के लिए गलत शब्दों का प्रयोग करने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मामला तेघड़ा प्रखंड के धनकौल पंचायत का है। जहां की लोटा लेकर खुले में शौच जा रहे धनकौल एवं चिल्हाय के पांच लोगों को तेघड़ा के प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी ललन कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में रोका तथा मारपीट किया। इस दौरान रोके गए लोगों के साथ गाली-गलौज किया गया। कान पकड़कर उठक-बैठक करवाया गया। जेल भेजने की धमकी, जुर्माना की धमकी दिया गया। खुले में शौच नहीं जाने की शपथ दिलाई गई तथा लोगों ने ऐसा नहीं करने की गुहार भी लगाया। लेकिन इतने पर भी अधिकारी नहीं रुके, इन लोगों ने महिलाओं के विरुद्ध अत्यंत ही आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया तथा खुले में शौच करते हुए उसका अंग देखने की बातें भी कही है। इधर इस मामले का वीडियो वायरल होते ही प्रशासनिक महकमा में हड़कंप मच गया है। वीडियो डीएम तक भी पहुंच गया। डीएम राहुल कुमार ने कहा है कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है तथा दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि शौचालय का उपयोग करने के लिए जागरूक करने के लिए सड़क पर उतरे पशुपालन पदाधिकारी मारपीट कर रहे हैं। महिलाओं के विरुद्ध अपशब्द बोल रहे हैं। लेकिन 7-8 वर्षों से पदस्थापित रहने के बाद भी कभी सरकारी अस्पताल में पशुओं का इलाज नहीं किया। पशु पालकों को दर्शन नहीं दिए। लोगों ने इस मामले में प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर कड़ी सजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन असभ्य अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी तो जन आंदोलन किया जाएगा।