मुम्बई : बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकाराओं में से एक अभिनेत्री सायरा बानो का मंगलवार को जन्‍मदिन है. अपने अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली अभिनेत्री ने 60 और 70 के दशक में सुपरस्‍टार अमिताभ बच्‍चन से लेकर धर्मेंद्र तक कई कलाकारों के साथ काम किया. उन्‍हें बचपन से ही अभिनय का शौक था. जब वे 12 साल की थी तभी से सपना देखा करती थी कि वो अपनी मां नसीम की तरह अभिनेत्री बनें और अभिनेता दिलीप कुमार से शादी करें.

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अभिनेत्री बनने का सपना पूरा हुआ वर्ष 1961 में, जब उन्‍होंने फिल्‍म ‘जंगली’ से बॉलीवुड में डेब्‍यू किया. इस फिल्‍म में उनके आपोजिट शम्‍मी कपूर थे. फिल्‍म सुपरहिट रही और सायरा सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेत्री के फिल्‍मफेयर अवार्ड के लिए नॉमिनेट हुई. इसके बाद उन्‍होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. अमिताभ, मनोज कुमार, जॉय मुखर्जी और धर्मेंद्र के साथ उनकी जोड़ी बनीं लेकिन उन्‍हें दिलीप कुमार के साथ काम करने का मौका नहीं मिल रहा था. दरअसल दिलीप, सायरा से 22 साल बड़े थे. ऐसा में वे कहते थे सायरा तो बच्‍ची है मैं कैसे उसके साथ फिल्‍म में काम करुंगा.

पहली नजर में हो गया था दिलीप कुमार से प्‍यार
बाद में 11 अक्‍टूबर 1966 को दिलीप कुमार और सायरा बानो ने शादी कर ली. सायरा के लिए यह किसी सपने से कम नहीं था. वो बचपन ने उनकी पत्‍नी बनने का ख्‍वाब देखा करती थीं. ऐसा भी कहा गया कि वर्ष 1952 में आई फिल्‍म ‘दाग’ में पहली बार दिलीप को देखकर वे अपना दिल दे बैठीं थीं. शादी से पहले सायरा का नाम अभिनेता राजेंद्र कुमार से भी जुड़ा था. नसीम के कहने पर दिलीप ने सायरा को शादीशुदा राजेंद्र कुमार से दूर रहने के लिए समझाया था.

…और दिन-रात सेवा कर जीत लिया दिलीप कुमार का दिल
ऐसा कहा जाता है जब सायरा ने दिलीप कुमार के सामने शादी का प्रस्‍ताव रखा था तो वे असमंजस में पड़ गये थे. चेन्‍नई में एक फिल्‍म की शूटिंग के दौरान अचानक दिलीप कुमार की तबीयत खराब हो गई थी, तब तुरंत सायरा फ्लाइट लेकर पहुंची थी. उन्‍होंने दिन-रात उनकी सेवा की. धीरे-धीरे दिलीप का झुकाव सायरा की ओर होने लगा. मधुबाला और कामिनी कौशल से प्‍यार में मिली निराशा के बाद उन्‍हें सायरा में एक सच्‍चा जीवनसाथी दिखाई दिया.

फिल्म निर्माता थे पिता
सायरा बानो का जन्‍म 23 अगस्‍त 1944 को भारत में हुआ था. उनकी मां नसीम बानो मशहूर अभिनेत्री थीं और पिता मियां एहसान-उल-हक एक फिल्‍म निर्माता थे. जिन्‍होंने मुंबई में फूल और पाकिस्‍तान में ‘वादा’ नामक फिल्‍म का निर्माण किया था. सायरा का अधिकांश बचपन लंदन में बीता. वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटी. उन्‍हें बचपन से अभिनय का शौक था तो उन्‍होंने इस ओर कदम बढ़ाया और दर्शकों के दिलों एक खास जगह बना ली.

सायरा बानो की प्रमुख फिल्‍में…
आई मिलन की बेला (1964), दीवाना (1967), पड़ोसन (1968), झुक गया आसमान (1968), आदमी और इंसान (1969), गोपी (1970), पूरब और पश्चिम (1970), रेशम की डोरी (1973), ज्‍वार-भाटा (1973), जमीर (1974), साजिश (1975), हेरा फेरी (1976), दुनियां (1984), फैसला (1988) प्रमुख है.