भागलपुर : बिहार के चर्चित सृजन घोटाले के खिलाफ भागलपुर के सैंडिस कंपाउण्ड स्टेडियम में राजद की रैली शुरू हो गयी है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने दोनों पुत्र तेजस्वी यादव तथा तेज प्रताप यादव के साथ मंच पर मौजूद है. उनके साथ मंच पर राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद है.

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तेजस्वी ने कहा कि सत्ता के नशे में आज बिहार की सरकार अंधी हो गयी है. पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार, सुशील मोदी, शहनवाज हुसैन, निशिकांत सभी ने मिलकर सृजन के माध्यम से खजाना लूटा. उन्होंने कहा तेजस्‍वी तो एक बहाना था, असली मकसद तो भाजपा के साथ जाना था. जिससे सृजन घोटाले को छुपाया जा सकें. तेजस्वी ने कहा, जब हम सरकार में थे तो तो इन्‍हें घोटाला करने का मौका नहीं मिल रहा था. उन्‍हें घोटाला करने वाला पार्टनर चाहिए था. इस‍लिए वे भाजपा के साथ चले गये. नीतीश कुमार से सवाल करते हुए तेजस्‍वी ने पूछा कि जब सृजन घोटाला हुआ तो कहां गया था आपका अंतरात्‍मा. आपको तो इस्‍तीफा देना चाहिए था.

सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि भले ही थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन सच सबके सामने आयेगा. सवाल करते हुए तेजस्वी ने कहा कि पहले जब इस मामले में जांच के लिए पत्र लिखा गया था तो नीतीश कुमार ने कार्रवाई क्यों नहीं की. आज सीबीआइ को इस मामले में जांच सौंपे जाने की बात कही जा रही है. जबकि सच्चाई है कि सृजन के माध्यम से इतनी बड़ी राशि का गबन किया गया है कि वैसे भी इस मामले की जांच सीबीआइ के पास ही जाता. नैतिक जिम्मेदारी का हवाला देते हुए तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार और सुशील मोदी से अपने पद से शीघ्र इस्तीफा देने की मांग की.

02:32 PM – पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने लालू यादव के अंदाज में मंच से रैली को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा. तेज प्रताप ने कहा, आरएसएस को खत्म करने के लिए डीएसएस बनाया है. नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए तेज प्रताप ने कहा कि प्रकाश उत्सव के दौरान मेरे पिता जी को नीचे बैठाया गया. सभा को संबोधित करते हुए तेज प्रताप ने आगे कहा कि सृजन घोटाले में शामिल किसी भी आरोपी को हम छोड़ने वाले नहीं है. पूरे बिहार में इसका पर्दाफाश हो रहा है.

जदयू पर निशाना साधते हुए कहा कि नीरज कुमार जो लेटर भेजते हैं, मेरी मां राबड़ी देवी पर अारोप लगाते हैं. कुछ ही समय में दुर्गापूजा आ रहा है. जिस तरह से महिषासुर का वध मां दुर्गा ने किया था, मेरी मां नीरज कुमार जैसे महिषासुर का वध करेगी. सृजन के दुर्जनों का संहार करेगी. उन्होंने कहा कि जिसको हमसे लड़ना है, मैदान में आकर लड़े. पता चल जायेगा कि किसमें कितना दम है.

02:02 PM – राजद की रैली में लालू प्रसाद के करीब पहुंचने की होड़ में भीड़ बेकाबू, लालू समर्थकों द्वारा बैरिकेड को ताेड़कर मंच के करीब पहुंचने का प्रयास, पुलिस भीड़ को डी एरिया से निकालने में जुटी
01:51 PM – सैंडिस कंपाउण्ड पहुंचे लालू ने सबको किया प्रणाम, सृजन घोटाले पर बने गीत को मंच पर बजवाया
01:40 PM – रैली में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद व उनके दोनों बेटे नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव तथा पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव मंच पर पहुंचे
01:34 PM – मंच पर पार्टी उपाध्‍यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह पहुंचे
इसका नाम ‘सृजन के दुर्जनों का विसर्जन’ रैली रखा गया है. जिसमें शामिल होने के लिए राजद सुप्रीमो अपने दोनों पुत्र तेजस्वी और तेज प्रताप के साथ शनिवार की रात ट्रेन से भागलपुर पहुंचे. जहां उनके स्वागत के लिए रेलवे स्टेशन पर भारी संख्या में राजद समर्थक पहले से मौजूद थे. मालूम हो कि इस साल अगस्त में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के इस घोटाले का पर्दाफाश किया था.

सभा को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, रघुवंश प्रसाद सिंह, जगदानंद सिंह सहित राजद के कई अन्य प्रमुख नेता संबोधित करेंगे. भागलपुर के सैंडिस कंपाउण्ड में आयोजित सभा के बाद लालू प्रसाद नवगछिया से राजधानी एक्सप्रेस से अाज ही पटना लौट जायेंगे.

राजद की सभा के मद्देनजर सैंडिस कंपाउण्ड स्टेडियम की सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गयी है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है. इसके लिए संयुक्त आदेश जारी किया गया है. सभा के मद्देनजर ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था की गयी है.

उल्लेखनीय है कि 27 अगस्त को पटना के गांधी मैदान में राजद की देश बचाओ भाजपा भगाओ रैली आयोजित हुई थी. उसी दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एलान कर दिया था कि वह बहुत जल्द भागलपुर में ‘सृजन के दुर्जनों का विसर्जन’ रैली करेंगे जिसके बाद इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. हालांकि, पिछले महीने भी सृजन के खिलाफ रैली करने के लिए तेजस्वी यादव भागलपुर पहुंचे थे, लेकिन उस वक्त प्रशासन ने उन्हें रैली करने की इजाजत नहीं दी थी जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा था.