चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) के लीगल सैल के प्रधान हिम्मत सिंह शेरगिल ने सुच्चा सिंह छोटेपुर द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर और दिल्ली के मुम्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर लगाए गंभीर आरोपों को पूरी तरह रद्द करते हुए कहा कि छोटेपुर सरासर झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने छोटेपुर से पूछा कि यदि उनके आरोप सही है तो एक सच्चा सिख होने के नाते वह 39 दिनों तक चुप क्यों बैठे रहे ?

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रविवार को चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधन करते हुए हिम्मत सिंह शेरगिल ने कहा गत 26 अगस्त को मीडिया के सामने सुच्चा सिंह छोटेपुर ने अरविंद केजरीवाल पर यह आरोप उस समय लगाए हैं जब सुच्चा सिंह छोटेपुर ने बतौर कनवीनर रिश्वत के रूप में दो लाख रुपये के आरोप में घिरे हुए हैं और उन्होंने पार्टी और मीडिया के सामने यह दो लाख रुपये लेने की बात कबूल कर ली है, क्योंकि पैसे लेते हुये एक सिटिंग सबूत के रूप में सामने आ गया था। इसलिए छोटेपुर द्वारा अरविंद केजरीवाल पर लगाया आरोप झूठा है।

शेरगिल ने कहा कि 26 अगस्त को छोटेपुर ने अपने आरोप में अमृतसर के जिस बात का जिक्र किया है वह 18 अगस्त की है। अब सवाल यह उठता है कि यदि अरविंद केजरीवाल ने छोटेपुर को इतनी बड़ी बात बोल दी थी तो एक सिख होने के नाते उन्होंने उसी समय अरविंद केजरीवाल के सामने रोष जताते हुये उनकी गाड़ी से नीचे क्यों नहीं उतरे?

शेरगिल ने कहा कि आम आदमी पार्टी में दान के रूप में फंड लेने के लिये सरल और स्पष्ट नीति है और पार्टी फंड के रूप में लिये गये पैसे-पैसे का हिसाब रखा जाता है। छोटेपुर यह भी झूठ बोल रहे हैं कि पार्टी का कोई खाता-खजानची नहीं है। पूरे पंजाब में पार्टी के सभी 13 जोन और एक मुख्य राज्य स्तरीय स्तर का बैंक खाता है।
एक सवाल के जबाव में शेरगिल ने कहा कि आम आदमी पार्टी परंपरागत राजनीतिक दलों जैसी सियासी पार्टी नहीं है। यह भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हुये अंदोलन से निकली हुई पार्टी है। यहां सिद्धांत किसी भी व्यक्ति से उपर रहते हैं, भले ही वह छोटेपुर हो, हि मत शेरगिल हो, भगवंत मान क्यों न हो? इस लिये छोटेपुर प्रकरण से पार्टी को कोई नुकसान नहीं हो रहा।

एक जबाव में हिम्मत सिंह शेरगिल ने कहा कि भगवंत मान पर भी छोटेपुर निराधार आरोप लगा रहे हैं। जब तक भगवंत मान के खून की जांच के आधार पर आरोप साबित नहीं होते तब तक उस पर शराब की लत के आरोप लगाने उचित नहीं है, जबकि भगवंत मान ने सुखबीर बादल और कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत सभी विरोधी नेताओं को चुनौती दी हुई है कि सभी का डोप टेस्ट होना चाहिये और सबसे पहले खून वह खुद देंगे।