सिनसिनाटी: भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने अपनी पूर्व जोड़ीदार स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस से रैंकिंग और सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब छीन लिया है। अलग होने के बाद यह दोनों का पहला टूर्नामेंट था।

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सानिया मिर्जा ने बारबोरा स्ट्राइकोवा के साथ मिलकर हिंगिस और कोको वेडेवेगे की जोड़ी को हराकर सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट का विमेंस डबल्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। वहीं इस जीत के बाद वह वर्ल्ड रैंकिंग में अकेली नंबर एक खिलाड़ी बन गई हैं।

साल के आखिरी ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन से पहले अहम माने जाने वाले सिनसिनाटी ओपन टूर्नामेंट के विमेंस डबल्स फाइनल में सानिया और चेक गणराज्य की बारबोरा ने हिंगिस और अमेरिका की कोको की जोड़ी को लगातार सेटों में 7-5, 6-4 से हराकर खिताब जीता। अलग होने से पहले एक साथ तीन ग्रैंड स्लैम सहित 14 खिताब जीत चुकीं सानिया-हिंगिस ने इस साल केवल एक ही खिताब जीता था और रियो ओलंपिक के दौरान दोनों ने अलग होने का फैसला किया था।

सिनसिनाटी में सानिया का जबर्दस्त रिकॉर्ड
सिनसिनाटी में बेहतरीन रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाली भारतीय खिलाड़ी इससे पहले बेथानी माटेक सैंड्स के साथ 2007 में भी यहां खिताब जीत चुकीं हैं। सानिया की यह सिनसिनाटी में 18वीं डबल्स जीत है जो किसी भारतीय खिलाड़ी का यहां बेस्ट प्रदर्शन भी है। इसके अलावा वह सातवीं महिला खिलाड़ी हैं जो कई बार टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंची हैं।

सानिया के पिता भी पहुंचे मैच देखने
रोमांचक फाइनल मुकाबले में बड़ी संख्या में भारतीय दर्शकों के साथ सानिया के पिता इमाम मिर्जा भी मौजूद रहे जिन्होंने टेनिस स्टार का हौंसला बढ़ाया। मैच के दूसरे सेट में तो सानिया के पिता कोर्ट पर ही आ गए और उन्होंने अपनी बेटी को कुछ सलाह भी दी। रियो ओलंपिक में विमेन डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में कुछ खास नहीं कर सकीं सानिया का यह सीजन का छठा और ओवरऑल 38वां खिताब है।

सानिया के सिर अकेले नंबर-1 का ताज
29 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी इसी के साथ रैंकिंग में अब हिंगिस के साथ संयुक्त नहीं बल्कि अकेली नंबर एक खिलाड़ी भी बन गई हैं। यह दिलचस्प है कि अलग होने के बाद भारतीय और स्विस खिलाड़ी दोनों ही अपने अपने पहले टूर्नामेंट में खेल रही हैं और उसी में उन्हें एक दूसरे के खिलाफ खेलना पड़ गया। टूर्नामेंट में सातवीं सीड सानिया-बारबोरा की शुरूआत हालांकि मैच में अच्छी नहीं रही और पहले सेट में वह 1-5 से पिछड़ गईं। लेकिन उन्होंने अगले तीन ब्रेक अंक बचाए। भारतीय-चेक जोड़ी ने फिर अगले छह गेम जीतकर पहला सेट 7-5 से जीत लिया। दूसरे सेट में सानिया-बारबोरा के पास शुरुआत ब्रेक अंक भुनाने का मौका आया लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाईं। लेकिन इसके बाद उन्होंने 3-1 की बढ़त बनाई। सानिया ने जबरदस्त फोरहैंड लगाए और बढ़त को 5-2 पहुंचा दिया। आखिरकार सानिया-बारबोरा ने खिताब अपने नाम किया।