लखनऊ : एक सर्वे में अखिलेश यादव अभी भी मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा उम्मीदवार हैं. प्रदेश की 24 प्रतिशत जनता उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में पसंद करती है. लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी में उनकी लोकप्रियता घटती जा रही है. शिवपाल सिंह यादव तो उनसे नाराज चल ही रहे हैं, अब अमर सिंह भी उनसे नाराज हो गये हैं. खबर है कि अमर सिंह ने तो इस्तीफे तक की धमकी तक दे डाली है. अमर सिंह की समाजवादी पार्टी में वापसी मुलायम सिंह यादव के कारण हुई है. ठाकुर वोट को अपने पक्ष में करने के लिए मुलायम सिंह सिंह अमर सिंह को वापस साथ लेकर आये हैं लेकिन अब उनकी नाराजगी से एक नया बवेला मच सकता है.

Rhythm
VR
GLAXZY
Trasheen

सपा में वापसी के बाद अमर सिंह राज्यसभा के सांसद बन चुके हैं, लेकिन उन्हें पार्टी में वो हैसियत नहीं मिल पायी है, जो पहले थी. यही कारण है कि वे नाराज चल रहे हैं. उन्होंने कल शाम यह धमकी दी की मैंने मुलायम सिंह से मिलने का समय मांगा लेकिन मुझे समय नहीं मिला, अगर समय नहीं दिया गया तो मैं सीधे राज्यसभा के सभापति के पास जाकर अपना इस्तीफा सौंप दूंगा. उन्होंने कहा कि राज्यसभा की सीट के लिए मैं अपमान स्वीकार नहीं करूंगा. जीएसटी पर हुई बहस में उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलने से भी अमर सिंह दुखी हैं.

जयाप्रदा की अनदेखी से भी रुष्ट हैं अमर सिंह
अमर सिंह का कहना है कि जयाप्रदा जैसी काबिल नेता का जानबूझकर पार्टी में अपमान किया जा रहा है. पहले यह कहा गया कि उन्हें विधानपरिषद भेजा जा रहा है, फिर उनके मनोनयन की बात हुई. लेकिन अभी तक उन्हें कुछ नहीं मिला. जब उन्होंने कोई पद मांगा नहीं तो बिना वजह उनका अपमान क्यों किया जा रहा है.

मुलायम के कारण पार्टी में की वापसी
अमर सिंह ने स्पष्ट किया कि वे मुलायम सिंह के साथ अपने रिश्तों को लेकर इतनी गंभीर हैं कि वे उनके कहने पर पार्टी में आ गये. उनके लिए रिश्ते मायने रखते हैं. उन्होंने कहा कि मुलायम के अलावा कोई नहीं चाहता था कि वे राज्यसभा जायें.

अमर सिंह की नाराजगी पार्टी के लिए नुकसानदेह
मुलायम सिंह एक दूरदर्शी नेता हैं यही कारण है कि उन्होंने अमर सिंह को पार्टी में वापस बुलाया. वे जानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में परिस्थितियां ऐसी बन सकती हैं कि उनके लोगों को अमर सिंह की जरूरत पड़ जाये. अमर सिंह की वापसी से ठाकुर कुछ हद तक सपा की ओर आयेंगे, वहीं जरूरत पड़ने पर वे कांग्रेस जैसी पार्टियों को साथ लाने में वे अहम भूमिका निभा सकते हैं. कल आये सर्वे से यह बात साफ हुई है कि प्रदेश में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं भी मिल सकता है, वैसी परिस्थिति में अमर सिंह की भूमिका संकटमोचक की हो सकती है. लेकिन अमर सिंह की नाराजगी समाजवादी पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकती है.