पटियाला, (न्यूज़ DNN नेटवर्क) : एक अच्छा लायर ही एक अच्छा एडवोकेट हो सकता है। मूट कोर्ट एक लॉ स्टूडेंट के भविष्य को संवारने में अहम रोल अदा करती है, जो उसे एक अच्छे लायर की श्रेणी में ला सकती है। यह बात राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी आफ लॉ में इंटरनेशनल कौंसिल फार ज्यूरिस्ट एंड दा ज्यूरिस्ट नई दिल्ली के सहयोग से पहली राष्ट्रीय एनिमल लॉ मूट कोर्ट समागम में बतौर मुख्य मेहमान आमंत्रित सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के सीनियर जज जस्टिस दीपक मिश्रा ने कही.

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दो दिवसीय इस मूट कोर्ट को हूमेन सोसायटी इंटरनेशनल की ओर से प्रायोजित किया जा रहा है। समागम के दौरान मूट कोर्ट से संबंधित सोविनर का विमोचन किया गया।

जस्टिस मिश्रा ने कहा कि विवि में जिस तरह की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, वह बेहतरीन है। उन्होंने अपने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के अनुभवों को भी साझा किया।

विवि के वाइस चांसलर डॉ. पीएस जसवाल की अगुआई में आयोजित समागम में विवि के रजिस्ट्रार डॉ. जीआईएस संधू ने बताया कि इस मूट कोर्ट में देश भर की 25 टीमें हिस्सा ले रही हैं। यह पहला आयोजन है कि जिसमें एनीमल स्पोर्टस विषय पर चर्चा की जाएगी।

मूट कोर्ट के विजेताओं को कुल 70 हजार रुपये की नकद राशि बतौर उपहार स्वरुप भेंट की जाएगी। विजेता टीम को 25 हजार, उप विजेता टीम को 15 हजार, बेस्ट स्पीकर को 10 हजार, उप विजेता को पांच हजार, बेस्ट मेमोरियल ट्राफी के विजेता को 10 हजार और उप-विजेता को पांच हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी।