नई दिल्ली. भारत सरकार में शिक्षा मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में तिरंगा यात्रा के दौरान दिए गए अपने एक भाषण में कहा कि देश की आजादी के लिए जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल फांसी के तख्ते पर झूल गए थे। यहां तक कि उन्होंने नेताजी सुभाष को भी शहीद बता दिया, जिनकी मौत आज भी रहस्य बनी हुई है।

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जावड़ेकर ने कहा “आजादी की आजादी की लड़ाई 90 साल पहले 1857 में शुरू हुई और अंग्रेजों को बाहर फेंकने के साथ खत्म हुई। हम उन सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, पंडित नेहरू, भगत सिंह राजगुरू को नमन सलाम करते हैं जो फांसी के फंदे पर चढ़े।“

प्रकाश जावड़ेकर के पास शिक्षा विभाग है और अब इस बयान के बाद उनकी शिक्षा पर सवाल उठना और राजनीति होना तय है। आपको बता दें कि 1964 में जवाहर लाल नेहरू की सामान्य तरीके से मौत हुई थी। सरदार पटेल का निधन 75 वर्ष की आयु में 1950 में हुआ था। वहीं नेता जी सुभाष चंद्र बोस की मौत आज भी गुत्थी बनी हुई है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि नेता जी की मौत 1945 में ताइवान में एक हवाई दुर्घटना में हुई थी। जबकि भगत सिंह और राजगुरू को अंग्रेजी सरकार ने 23 मार्च 1931 में फांसी की सजा दी थी।

कार्यक्रम के दौरान प्रकाश जावड़ेकर ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया। वहीं छिंदवाड़ा में इस पब्लिक मीटिंग के दौरान कांग्रेस के विधायक नदारद दिखे और सांसद कमलनाथ के नाम की टेबल भी नहीं लगाई गई थी।