उज्जैन, 12 फरवरी (हि.स.)। देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी महाशिवरात्रि पर्व बुधवार, 14 फरवरी को मनाया जाएगा, लेकिन देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल विश्व प्रसिद्ध उज्जैन के महाकालेशवर मंदिर और ओंकारेश्वर के ओंकार व ममलेश्वर मंदिर में मंगलवार को महाशिवरात्रि बड़े धूमधाम के साथ मनाई जा रहा है। सुबह से दोनों मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच भगवान शिव का पूजन-अभिषेक कर रहे हैं। भगवान महाकाल और ममलेश्वर के दर्शन के लिए सुबह से ही लम्बी-लम्बी कतारें लगी हुई हैं। उज्जैन में जहां बाबा महाकाल की भस्मारती देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।

महाशिवरात्रि को भगवान शिव की पूजा करने का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन अगर भोलनाथ को खुश कर लिया, तो आपके सभी बिगड़े काम सफल हो जाते हैं, लेकिन इस बार इस बार शिवरात्रि दो दिन मनाई जा रही है। मंगलवार को रात 10.35 बजे पर चतुर्दशी तिथि शुरू हो रही है, जो 14 फरवरी को रात 12.46 मिनट तक रहेगी। इसलिए प्रदेशभर में बुधवार, 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा, जबकि महाकाल मंदिर और ओंकारेश्वर में मंगलवार को ही सुबह से इस पर्व की शुरुआत हो गई। इन दोनों मंदिरों में दो दिन तक महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा और इस दौरान दो दिन तक श्रद्धालु भोलेनाथ का पूजन-अर्चन करेंगे।

महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया है। इससे पहले अलसुबह बाबा महाकाल की भस्मा आरती की गई। इस दौरान मंदिर भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। सुबह से महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों की लम्बी लाइन लगी हुई है। उज्जैन का पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है और चारों दिशाओं से भगवान शिव के जयकारे सुनाई दे रहे हैं।

महाकालेश्वर मंदिर के शासकीय पुजारी पंडित प्रदीप गुरु ने बताया कि विगत पांच फरवरी से यहां शिव नवरात्रि का पर्व धूमदाम से मनाया गया। इस दौरान भगवान महाकाल ने भक्तों को विभिन्न रूपों में दर्शन दिए। मंगलवार को महाशिवरात्रि पर्व पर शिव नवरात्रि का समापन हुआ। इस दौरान बाबा महाकाल का इस दौरान विशेष श्रृंगार किया गया। भस्मारती में भी हजारों लोग शामिल हुए और अभी भगवान महाकाल के दर्शन और पूजन-अभिषेक का सिलसिला जारी है।

इसी प्रकार ओंकारेश्वर स्थित सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल ओंकार ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थल में भी मंगलवार को सुबह से ही महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से यहां श्रद्धालु की भीरी भीड़ उमड़ रही है। ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर सहित यहां के सभी प्रमुख शिव मंदिर आज पूरी रात खुले रहेंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा भगवान भोलेनाथ के दर्शन के साथ उनके पूजन अभिषेक एवं रुद्राभिषेक के कार्यक्रम रात्रि भर चलेंगे। मंदिर का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया है। ओंकारेश्वर मंदिर में मंगलवार को सुबह भगवान भोलेनाथ को 201 किलो का पेड़े का भोग लगाया गया।