अयोध्या, 13 फरवरी (हि.स.)। रामनगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ मंगलवार को राम राज्य रथ यात्रा प्रारम्भ हुई। अयोध्या से रामेश्वरम तक चलने वाली इस रथ यात्रा को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चम्पत राय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मौके पर चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में बाबर का कोई स्थान नहीं है। यह तो भगवान राम की जन्मभूमि है। इसलिए मुस्लिम समाज के लोगों को भी इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि राम राज्य रथ यात्रा का आयोजन भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में ढालने के लिए किया जा रहा है।

चम्पत राय ने बताया कि अयोध्या से रामेश्वरम तक चलने वाली राम राज्य रथ यात्रा करीब छह हजार किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस दौरान यह यात्रा देश के छह अलग-अलग राज्यों से होकर गुजरेगी और हर राज्य में राम मंदिर निर्माण के लिए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित होगा। यह यात्रा नंदीग्राम, इलाहाबाद, वाराणसी, सागर, चित्रकूट, छतरपुर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ओंकारेश्वर, त्रयम्बकेश्वर, नारायणपुर, विजयपुरा, किष्किंधा बेलारी, बंगलुरू, मैसूर, कन्नूर होते हुए 25 मार्च को रामेश्वरम पहुंचेगी। रामेश्वरम से होती हुई यात्रा उसी दिन तिरुवंतपुरम पहुंचेगी। वहां स्थित प्रसिद्ध पद्मनाभ मंदिर के सामने रामराज्य सम्मेलन का आयोजन होगा।

राम राज्य रथ यात्रा पांच सूत्रीय मांगों के साथ निकाली जा रही है, जिनमें राम मंदिर निर्माण, राम राज्य की स्थापना, रविवार की जगह गुरुवार को साप्ताहिक अवकाश एवं साल में एक दिन विश्व हिंदू दिवस घोषित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। रथयात्रा के दौरान इन मांगों के समर्थन में 10 लाख से अधिक लोगों का हस्ताक्षर भी एकत्र किया जायेगा, जिसे बाद में यात्रा के आयोजक राष्ट्रपति को सौंपेंगे। श्रीरामदास मिशन युनिवर्सल सोसायटी की ओर से प्रस्तावित इस रथयात्रा का आयोजन विहिप की तरफ से किया जा रहा है। रथ यात्रा के लिए 28 फुट लंबा राम राज्य रथ बनाया गया है। इसके अंदर एक छोटा सा मंदिर भी बनाया गया है, जिसमें भगवान राम, माता जानकी और हनुमान जी की मूर्तियां विराजमान हैं।

रथ यात्रा शुरू होने से पहले कारसेवकपुरम में संतों का सम्मलेन हुआ, जिसमें विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक तिवारी ने संतों व हिंदू समुदाय के लोगों को अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए शपथ भी दिलाई। इसके बाद विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चम्पत राय व मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ यात्रा का शुभारम्भ किया। कारसेवकपुरम से प्रारम्भ हुई यात्रा सबसे पहले सरयू तट पर पहुंची। वहां साधु संतों ने सरयू की पूजा अर्चना की। इसके बाद यात्रा आगे बढ़ गयी। यात्रा का पहला विश्राम आज भरत कुंड नंदीग्राम पर होगा।