-गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने दिए ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश
-बस का परमिट भी निरस्त, आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश
दमोह: ओड़िसा के बाद मध्य प्रदेश के दमोह में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां बस में जा रही एक महिला की मौत के बाद बस वालों ने महिला के पति, बूढ़ी सास और पांच दिन की बच्ची को बस से उतार दिया. इसकी जानकारी मिलने पर गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दे दिए हैं.

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वहीं, बस का परमिट सस्पेंड करने की भी कार्रवाई की है. इसके अलावा बस के ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है.

जानकारी के अनुसार, छतरपुर जिले के घोघरी गांव में रहने राम सिंह की पत्नी मल्ली बाई ने पांच दिन पूर्व एक बेटी को जन्म दिया था. प्रसव के बाद से ही मल्ली बाई की तबियत बिगड़ती गई, तो रामसिंह उसे इलाज के लिए बस से दमोह ले जा रहा था.

रामसिंह के अनुसार, सफर के दौरान पत्नी की सांसें थम गईं. पत्नी की मौत होने के बाद बस के ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर ने उसे, बूढ़ी मां और पांच दिन की बच्ची को महिला के शव के साथ चैनपुरा और परसाई गांव के बीच जंगल में उतार दिया.

इसके बाद ये परिवार 5 दिन की बच्ची और शव को लिए 8 घंटे तक मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया.

वकीलों ने की मदद
वकील हजारी और राजेश पटेल अपनी बाइक से दमोह लौट रहे थे, तो उन्होंने रामसिंह को अपनी पत्नी के शव, नवजात बेटी और बूढ़ी मां के साथ रोते हुए देखा. रामसिंह से आपबीती सुनने के बाद वकील ने डायल 100 सेवा पर फोन किया, लेकिन काफी देर तक मदद के लिए कोई पुलिस का जवान नहीं पहुंचा.

इसके बाद दोनों वकीलों ने रामसिंह के परिवार के लिए अपने स्तर पर वाहन का इंतजाम किया. बताया जा रहा है कि इस दौरान पुलिस के कुछ जवान पहुंचे भी तो उन्होंने अपने क्षेत्र का मामला नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया.