जयपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि जीवन में दिल से पूरे प्रयास किए बिना पूरी सफलता नहीं मिलती और आसानी से मिली सफलता का जीवन में अधिक महत्व नहीं होता। उन्होंने कहा कि हम जो सीखते हैं उसे जीवन में कैसे उतारें, यह सीखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
राजे फेस्टिवल ऑफ एजूकेशन के दूसरे दिन अभिनेत्री सुष्मिता सेन के साथ ‘अप क्लोज एण्ड पर्सनल’ सत्र में सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि दिमाग का सही इस्तेमाल कर हम शिक्षा का जीवन में सही उपयोग कर सकते हैं।
सुष्मिता सेन ने कहा कि जो चीज किताबों से नहीं सीखी जा सकती वह जीवन के अनुभवों से कभी भी सीखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी और के बनाए हुए रास्तों पर चलने के बजाय सफल होने के लिए हमें अपने बनाए रास्तों पर चलना चाहिए। उन्होंने प्रयास करते रहने पर जोर देते हुए कहा कि जो चीज किसी एक व्यक्ति के लिए असम्भव है, जरूरी नहीं कि वह सभी के लिए असम्भव हो।
मुख्यमंत्री ने फण्डामेंटल हॉल में योग गुरु डा. भरत ठाकुर के सत्र में हिस्सा लिया। उन्होंने एक अन्य सत्र में डा. ठाकुर द्वारा लाइव शो के दौरान मौके पर ही 30 मिनट में बनाई गई तीन पेंटिंग्स को देखकर उनके हुनर की तारीफ की। मुख्यमंत्री को डा. ठाकुर ने इनमें से एक पेंटिंग भेंट भी की।
प्रदर्शनी का अवलोकन किया
राजे ने जेईसीसी में प्रदर्शनी स्थल पर जाकर विज्ञान-तकनीक एवं शिक्षा पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। श्रीमती राजे ने शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलाजी के माध्यम से किए जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी ली और उन्हें सराहा।
मुख्यमंत्री ने यहां रोबोटिक इंजीनियरिंग, द रन, एनीमल सलेक्टेड रन, विजुअल एजूकेषन तथा वाक विद डायनासोर थीम सहित ज्ञानवर्द्धक तरीके के माध्यम से बच्चों को विज्ञान की बारीकियां समझाने के लिए लगाई गई विभिन्न स्टाल देखीं।
उन्होंने एक निजी विश्वविद्यालय द्वारा बनाई गई सोलर कार्ट में बैठकर इसकी जानकारी ली। उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए प्रोजेक्टों का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने इंजीनियरिंग और पालिटेक्नीक विद्यार्थियों द्वारा ऊर्जा संरक्षण के लिए तैयार किए गए प्रोजेक्ट भी देखे। उन्होंने सेल्फी बूथ पर जाकर सेल्फी ली और छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया।

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