नई दिल्ली : रियो ओलिंपिक खेलों में भारतीय ऐथलीट्स के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने भविष्य की योजना बनानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पीएम मोदी ने अगले तीन ओलिंपिक खेलों 2020, 2024 और 2028 के लिए टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है।

Rhythm
VR
GLAXZY
Trasheen

रियो ओलिंपिक में भारत को एक सिल्वर मेडल समेत सिर्फ दो पदकों से ही संतोष करना पड़ा था। टास्क फोर्स ओलिंपिक के लिए खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण, चयन प्रक्रिया और अन्य मामलों पर काम करेगी। रियो ओलिंपिक में पहलवान साक्षी मलिक, बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु और जिम्नैस्ट दीपा कर्मकार ने भारत का सम्मान बचाने का काम किया। सिंधु ने जहां सिल्वर मेडल जीता, वहीं साक्षी मलिक ने कांस्य पदक जीतकर भारत की लाज बचाई।

यदि इन महिला ऐथलीट्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल न जीते होते तो भारत के सामने 1992 के बार्सिलोना ओलिंपिक खेलों के बाद खाली हाथ लौटने का खतरा था। 21 वर्षीय सिंधु ने भारत की ओर से बैडमिंटन में पहला सिल्वर मेडल जीतने का कीर्तिमान स्थापित किया है, जबकि साक्षी मलिक ने भारत को पहली बार महिला कुश्ती में पदक जिताया।

इसके अलावा, दीपा कर्माकर भारत की ओर से ओलिंपिक की फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला जिमनास्ट रही हैं। वह बेहद मामूली अंतर से कांस्य पदक से चूक गईं और वॉल्ट स्पर्धा में चौथे स्थान पर आईं। उन्होंने बेहद कठिन माने जाने वाला ‘प्रोडुनोवा’ स्टेप करके सभी का दिल जीत लिया।