चंडीगढ़: पंजाब के पंथक हलकों और सिक्ख राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले पंथ रत्न स्वर्गवासी जत्थेदार गुरचरन सिंह टौहड़ा का परिवार मंगलवार को शिरोमणी अकाली दल (बादल) छोड़ कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गया। टौहड़ा परिवार का पार्टी में स्वागत करते हुए सांसद भगवंत मान ने कहा कि आज के समय में पंजाब में पैदा हुए हलातें को ठीक करने के लिए समूह पंजाबियों का इकट्ठा होना जरूरी है और टौहड़ा परिवार जिसने कि हमेशा ही पंजाब और पंजाबियत की सेवा की है, का आम आदमी पार्टी में शामिल होना इस काफिले को निश्चित तौर पर मजबूती देगा।वहीँ, संजय सिंह ने कहा कि टौहड़ा परिवार की पंजाब और पंथ प्रति की कुर्बानियों को हमेशा याद रखा जाएगा।

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सुखबीर ने टकसाली अकालियों की अनदेखी, घुट रहा था दम
पार्टी में शामिल होने का ऐलान करते हुए जत्थेदार टौहड़ा की बेटी बीबा कुलदीप कौर टौहड़ा और जमाई हरमेल सिंह टौहड़ा ने कहा कि उनके परिवार ने हमेशा पंजाबियों और पंथ की चढ़दी कला के लिए कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जत्थेदार टौहड़ा ने अपनी सारी उम्र शिरोमणी अकाली दल (ब) की सेवा में लगा दी, परंतु पार्टी की कमान सुखबीर सिंह बादल के हाथ आते ही उन्होंने टकसाली अकालियों को अनदेखा करना शुरू कर दिया।

टौहड़ा ने कहा कि उनका परिवार पंजाब के हकों के लिए हर मोर्चो में शामिल होता रहा और जेलें में भी दिन काटे हैं। जत्थेदार टौहड़ा 27 साल तक सिक्खों के सिरमौर संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के प्रधान रहे और करीब 26 साल तक लोक सभा के मैंबर रहे, परंतु शिरोमणि अकाली के बदले रूप और लोग विरोधी नीतियों के कारण वह पार्टी छोडऩे के लिए मजबूर हो गए।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लोगों को साफ-सुथरी राजनीति और एक अच्छे समाज के निर्माण करने की नीयत से कार्य कर रही है। इसलिए वह पंजाब और पंजाबियत के भले के लिए आम आदमी पार्टी में शामिल हुए हैं। टौहड़ा ने कहा कि अकाली दल में इस समय भ्रष्टाचार और लूट-पाट न करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे हालातों में उनका अकाली दल में दम घुट रहा था और वह बिना शर्त आप में शामिल हो गए हैं।

इस मौके पर आम आदमी पार्टी पंजाब के इंचार्ज संजय सिंह, संगरूर से सांसद भगवंत मान, मैनीफैस्टो समिति के प्रमुख कंवर संधू, पार्टी के प्रवक्ता गुरप्रीत घुग्गी, लीगल विंग के प्रधान हिम्मत सिंह शेरगिल, पार्टी के प्रवक्ता और पटियाला जोन के इंचार्ज डा. बलवीर सिंह, ट्रेड और इंडस्ट्री विंग के प्रधान अमन अरोड़ा, किसान विंग के महासचिव करनवीर सिंह टिवाणा और पार्टी के अन्य सीनियर नेता शामिल थे।