-स्कूलों की कैंटीनों और आसपास नहीं बिक सकेंगे बर्गर, चिप्स, पैटीज़, समोसे व कोल्ड ड्रिंक
-चेकिंग में पकड़े जाने पर स्कूल मुखी होंगे जिम्मेदार
-औचक छापामारी के लिए 6-7 जांच टीमें गठित: प्रभचरण सिंह
कपूरथला, (न्यूज़ DNN नेटवर्क): बच्चों में बढ़ते मोटापे को लेकर राज्य के शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने सूबे के बच्चों को थुलथुल बनाने वाले जंक फूड की बिक्री पर पूर्ण तौर पर बैन लगा दिया है। अब सरकारी और निजी स्कूलों की कैंटीनों में बर्गर, चिप्स, पैटीज़, समोसे व कोल्ड डरिंक नहीं बिक सकेंगे।

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सूबे के तमाम जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंटरी, जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी, तीनों फरीदकोट, जालंधर व पटियाला के मंडल शिक्षा अधिकारियों को लिखित तौर पर आदेश जारी किए हैं। वहीं, इन आदेशों की एक प्रतिलिपि सेहत व परिवार भलाई विभाग पंजाब के डायरेक्टर और मिड डे मील के समूह जिला को आरडीनेटर/लेखाकार को भी भेजी गई है।

पंजाब स्टेट मिड डे मील सोसायटी जनरल मैनेजर प्रभचरण सिंह ने दिनांक 26 अगस्त 2016 को पत्रांक नं. एमडीएमएस/जीएम 2016/1958-59 के तहत अपने हस्ताक्षर वाला लेटर उक्त अधिकारियों के नाम जारी किया है। इनमें सरकारी प्राइमरी, अपर-प्राइमरी, हाई और सेकेंडरी स्कूलों के अलावा सभी निजी स्कूलों की कैंटीनों में जंक फूड बर्गर, चिप्स, पैटीज़, समोसे व कोल्ड डरिंक की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है।

अगर कहीं चेकिंग के दौरान किसी भी सरकारी या निजी स्कूल की कैंटीन में उक्त सामान उपलब्ध पाया गया तो इसके लिए संबंधित स्कूल का मुखी मुखी निजी तौर पर जिम्मेदार होगा। ऐसे स्कूल के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिला के दोनों डीईओ और सीईओ को स्कूलों में इन आदेशों को अमल में लाने के निर्देश दिए गए हैं। पंजाब स्टेट मिड डे मील सोसायटी के जनरल मैनेजर प्रभचरण सिंह ने बताया कि यह सोसायटी शिक्षा विभाग पंजाब का ही एक हिस्सा है। स्कूलों की कैंटीनों की चेकिंग के लिए सूबे में 6-7 टीमों का गठन कर दिया गया है। जहां भी उक्त जंक फूड पाया गया, उनके खिलाफ योग्य कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

वहीँ, इस बारे में मंडल शिक्षा अधिकारी (सीईओ)सीईओ जसपाल सिंह ने कहा कि उन्होंने अभी पत्र नहीं देखा है। पत्र की हिदायतों के अनुरूप आदेश पर अमल किया जाएगा।