-पंजाब में अपनी तरह की पहली डिजिटल किडनैपिंग का मामला आया सामने
-साइबर क्राइम चंडीगढ़ में मामला दर्ज
अमृतसर , (न्यूज़ DNN नेटवर्क) : आपने फिल्मों में या जिंदगी में कई तरह की किडनैपिंग और फिरौती संबंधी सीन देखें होंगे या खबरें पढ़ी होंगी, लेकिन सोमवार को हम आपको एक अलग तरह के अपहरण और फिरौती की मांग से जु़ड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं।

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यह पहला मामला है जिसमें किसी इंसान का नहीं बल्कि एक वेबसाइट का अपहरण किया गया है और इस डिजिटल किडनैपिंग के जरिए कंपनी की सभी फाइलों का अपहरण कर उसे लौटाने के बदले मोटी रकम की मांग की गई है। फिलहाल इस मामले में साइबर क्राइम विभाग ने चंडीगढ़ में मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

आज हम आपको एक नई तरह के अपहरण और फिरौती की मांग के मामले से रू-ब-रू कराने जा रहे हैं। इस मामले में न तो किसी इंसान का अपहरण किया गया और न ही किसी के कत्ल या हत्या की कोई आशंका ही है। लेकिन इस अपनी ही तरह के नए मामले से कई लोगों के रोजगार और एक कंपनी के पूरे रिकार्ड की हत्या जरूर हो सकती है।

जानें पूरा मामला
दरअसल, 19 जुलाई की सुबह जब कंपनी के मुलाजिम अपनी ड्यूटी पर पहुंचे और उन्होंने अपने कंप्यूटर आन किए, तो उनके कंप्यूटर और इंट्रानेट काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद कंप्यूटर इंजीनियर, एंटीवायरस कंपनी के साथ संपर्क किया गया, तो उन्हें भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इतना ही नहीं, कुछ देर बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर एक ईमेल आईडी आई और संदेश आया कि संपर्क करे। जब संपर्क किया गया, तो जवाब मिला कि आपका पूरा रिकार्ड और फाइले हैक कर ली गई है और यदि इन्हें वापस चाहते हैं, तो एक मोटी रकम भेजें।

उधर, कंपनी के मेनेजिंग पार्टनर डा. जेपी सिंह ने बताया कि कंपनी की वेबसाइट और इन्टरनेट के जरिए सभी मुलाजिम और डीलर जुड़े हुए हैं। जिस कारण सारा काम इसी के जरिए हो रहा है। उन्होंने बताया कि वेबसाइट और इन्टरनेट को ठीक करने के सभी प्रयास विफल रहे हैं, जिस कारण अब साइबर क्राइम विभाग को शिकायत की गई और केस दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि फिरौती की रकम यदि दे भी दी जाए, तो भी यही डर है कि हैकर उनके रिकार्ड या फाइलें उन्हें देंगे भी या नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें साइबर क्राइम विभाग पर पूरा भरोसा है कि वह उनकी सहायता जरूर करेंगे।