मनामा : ओडिशा के जिस विडियो फुटेज को लेकर भारत में संवेदनशीलता और सिस्टम के नक्कारेपन को लेकर हफ्ते भर से चर्चा गर्म रही उसी दृश्य से एक प्रधानमंत्री को बहुत दुख हुआ। बहरीन के प्रधानमंत्री प्रिंस खलीफा बिन सलमान अल-खलीफा ने ओडिशा के गरीब आदिवासी दाना मांझी को आर्थिक मदद दी है।

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गल्फ डिजिटल न्यूज की खबर के मुताबिक प्रिंस खलीफा ने जब दाना माझी के बारे में पढ़ा तो उन्हें बेहद दुख हुआ। दाना माझी वही व्यक्ति हैं जिन्हें अपनी पत्नी का शव कंधे पर रखकर 12 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा था। तब उनकी बेटी भी साथ में ही थी। जब यह विडियो फुटेज सामने आया तो सिस्टम पर गंभीर सवाल उठे। सरकार ने हॉस्पिटल के खिलाफ जांच का आदेश दिया और दो लोगों को सस्पेंड भी किया गया।

गल्फ डिजिटल न्यूज की खबर के मुताबिक, प्रिंस खलीफा के ऑफिस ने भारत स्थित बहरीन दूतावास में संपर्क किया और कुछ धनराशि देकर दाना मांझी की मदद की। खबर में कहा गया है कि प्रिंस खलीफा ने जब दाना मांझी के बारे में पढ़ा तो उन्हें लगा कि किसी भी तरह इस व्यक्ति की मदद करनी चाहिए। इस रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि बहरीन के पीएम ने कितनी रकम दी है। एक बहरीनी दीनार की कीमत 178 रुपया है।

दाना मांझी ने तब कहा था कि हॉस्पिटल ने उनकी मदद करने से इनकार कर दिया था और उनके पास बस यही एक चारा था। वह पत्नी की लाश को खुद ही उठा कर अपने गांव ओर चल पड़े थे। हालांकि बाद में दाना माझी ने यह भी कहा कि उन्होंने किसी से मदद नहीं मांगी थी।