रायसेन, 23 दिसम्बर (हि.स.)। एक दसवीं पास युवक ने पढ़-लिखकर नौकरी की तलाश में समय गंवाने की बजाए स्वयं का रोजगार स्थापित करना ज्यादा उचित समझा। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत राईस मिल स्थापित कर वह न केवल आत्मनिर्भर हुआ है, बल्कि वह अन्य व्यक्तियों को भी रोजगार दे रहा है। रायसेन निवासी सोनू अहिरवार के पास न तो कृषि भूमि थी और न ही कोई पैतृक व्यवसाय, जिससे वह अपना जीविकोपार्जन कर पाता। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त कर दसवीं पास सोनू अब राईस मिल का मालिक है और उसकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है तथा जीवन स्तर में भी बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त कर लगाई गई राईस मिल में सोनू तीन अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान कर रहा है। सोनू ने बताया कि मिल चालू होने के शुरूआती महीनों में ही बैंक की किश्त, कर्मचारियों का वेतन एवं मिल के समस्त खर्चो को निकालकर लगभग 25 हजार रूपए महीने से अधिक की बचत हो रही है। सोनू को उम्मीद है कि आने वाले समय में उसका कारोबार और बढ़ेगा। सोनू ने बताया कि 15 से 20 क्विंटल धान अभी प्रतिदिन आ रही है।

रायसेन के वार्ड क्रमांक-18 संजय नगर निवासी सोनू अहिरवार ने बताया कि उसे समाचार पत्र के माध्यम से पता चला कि वह भी मुख्यमंत्री द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त कर स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकता है और वह ऋण लेने के लिए पात्र है। अगले दिन सोनू ने जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के कार्यालय में जाकर अंत्यावसायी अधिकारी से पूरी जानकारी ली और स्वयं का रोजगार स्थापित करने का निर्णय लिया।

सोनू ने विभिन्न रोजगारों के बारे में विस्तार से जानकारी ली और कई अनुभवी लोगों से चर्चा की। सोनू ने रायसेन जिले में तेजी से बढ़ रहे धान के उत्पादन को ध्यान में रखते हुए राईस मिल लगाने का निर्णय लिया। सोनू ने सभी आवश्यकताएं पूरी करते हुए अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के कार्यालय में 10 लाख रूपए के ऋण के लिए आवेदन दिया। अंत्यावसायी अधिकारी द्वारा सोनू की इच्छाशक्ति और वर्तमान परिवेश एवं भविष्य की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए 10 लाख रूपए का ऋण स्वीकृत कर आगामी कार्यवाही के लिए सेंट्रल बैंक शाखा रायसेन को भेजा गया। सेंट्रल बैंक ने सोनू लगाए जाने वाले राईस मिल के लिए 10 लाख रूपए का ऋण प्रदान किया गया, जिसमें दो लाख रूपए अनुदान राशि सरकार की ओर से प्रदान की गई है।