-दुबई वाटर कंजरवेशन एंड रेन वाटर हार्वेस्टिंग के चेयरमैन व वर्ल्ड वाटर काउंसिल फ्रांस के सदस्य के हाथों मिला अवार्ड
-पुणे के पंडित जवाहर लाल नेहरू भवन में हुआ समारोह का आयोजन
कपूरथला, (न्यूज़ DNN नेटवर्क): वर्ल्ड वाटर काउंसिल फ्रांस और दुबई वाटर कंजरवेशन एंड रेन वाटर हार्वेस्टिंग तक संत बलबीर सिंह सीचेवाल के जल संरक्षण की कहानी पहुंच गई है। विदेशी सरजमीं पर भी देसी तकनीक वाले सीचेवाल मॉडल की सराहना हो रही है। इसी सराहना और दूषित जल को निर्मल बनाने के भगीरथी प्रयास की बदौलत महाराष्ट्र विकास केंद्र पुणे ने संत बलबीर सिंह सीचेवाल को जल मित्र अवार्ड से नवाजा है।

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पुणे के पंडित जवाहर लाल नेहरू भवन में सोमवार की रात को आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि वर्ल्ड वाटर काउंसिल फ्रांस के सदस्य एवं दुबई वाटर कंजरवेशन एंड रेन वाटर हार्वेस्टिंग के चेयरमैन डा. मुस्तफा ताहिर अली सासा ने संत सीचेवाल को अपने हाथों से सम्मानित किया।

संत सींचेवाल ने बातें नहीं काम कर दिखाया
पर्यावरणविद् संत सीचेवाल के सीचेवाल मॉडल की तारीफ करते हुए सासा ने कहा कि जल के बिना जीवन असंभव है, फिर भी हम लोग जल को तेजी से दूषित कर रहे हैं। संत सीचेवाल ने केवल बातें नहीं, बल्कि खुद काम करके दिखाया है। उनके प्रयास से जल स्त्रोतों की बदली तस्वीर ने समाज को आईना दिखाया है। इससे दूषित नदियों को स्वच्छ व निर्मल बनाने की उम्मीद बंधी है।उन्होंने सीचेवाल मॉडल में ट्रीटेड पानी को दोबारा इस्तेमाल करने की पद्धति को खूब सराहा।

संत सींचेवाल से महाराष्ट्र वासियों ने की अपील
देर रात तक चले समारोह में जल स्त्रोतों से घिरे महाराष्ट्र के लोग दूषित जल की समस्या से चिंति‌त नजर आए। सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र के लोगों ने एकजुटता से संत सीचेवाल से अपील की कि वह यहां भी सीचेवाल मॉडल को लागू करके इन नदियों को जीवनदायी बनाएं। संत सीचेवाल ने अपने संबोधन में काली बेईं को निर्मल बनाने की कहानी सुनाई तो वहां पर मौजूद बहुत ही ध्यान से उनके एक-एक लफ्ज को सुनने में मशगूल दिखे।

संत सीचेवाल ने कहा, खुद आगे बढ़ें लोग
संत सीचेवाल ने कहा कि लोगों के सहयोग सदका ही यह संभव हो सका है। सरकारों की ओर ताकने की बजाय खुद आगे आकर काम करने की ललक जगानी होगी। तभी ऐसे सुखद और दूरगामी परिणाम मिलेंगे, जो भावी पीढ़ियों के लिए हमारा एक बेशकीमती उपहार होगा।

महाराष्ट्र भी अपनाएगा सींचेवाल मॉडल
महाराष्ट्र विकास केंद्र के प्रधान अनिल पटेल ने संत सीचेेवाल का पुणे पहुंचने पर आभार जताते हुए कहा कि वह महाराष्ट्र की दूषित नदियों को साफ करने का गुरमंत्र बताएं। महाराष्ट्र सीचन सहयोग के प्रधान डा. डीएम मोरे ने संत सीचेवाल से आह्वान किया कि वह पुणे आकर नदियों को निर्मल बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करें। इस समारोह दौरान संत सीचेवाल की महाराष्ट्र में सीचेवाल मॉडल को लागू करने केे लेकर बातचीत चल रही है। एमओयू पर हस्ताक्षर होने की प्रक्रिया के मुकम्मल होने के बाद महाराष्ट्र की नदियों को निर्मल करने के लिए संत सीचेवाल बिगुल फूकेंगे।

नकद व दोशाला भेंट कर सींचेवाल का सम्मान
इस दौरान संत सीचेवाल को जल मित्र अवार्ड के अलावा 11 हजार रुपये नकद और दोशाला भी भेंट किया गया। इस मौके पर कोहलापुर के जिला परिषद अधिकारी इंद्रजीत देशमुख, महाराष्ट्र को-आपरेटिव विभाग के सहायक कमिश्नर चंद्रकांत दलवी, जल मित्र पुरस्कार कमेटी के प्रधान राजिंदर सेलार,, सचिन वानी, विलास मोहेर, कांत बागल, अरुण दापकेकर, संत सीचेवाल के पीआरओ गुरविंदर सिंह बोपाराय, सेवादार दया व पाल सिंह मौजूद थे।