जम्मू, 07 फरवरी । जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कार्यवाही के दौरान बुधवार को पक्ष तथा विपक्षी सदस्यों ने एसएचएमएस अस्पताल में आतंकी हमले का मुद्दा उठाकर हंगामा किया तथा सरकार से इस बारे में बयान जारी करने की मांग की।
बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी पार्टियां नेंका और कांग्रेस के विधायकों ने मंगलवार को आतंकी हमले में शहीद हुए दो पुलिसकर्मियों की मौत का मुद्दा उठाया जिसमें सत्ताधारी पीडीपी विधायक हकीम मोहम्मद यासीन और सीपीआई के तारीगामी भी शामिल हो गए। सभी विधायकों ने इस मामले में सरकार से बयान जारी करने को कहा। ऐसा कहते हुए विधायकों ने सदन में प्रदर्शन करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
इस दौरान प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने सरकार से मांग की कि सदन में यह स्पष्ट किया जाए कि जिस प्रकार का माहौल कश्मीर घाटी में है, क्या उस माहौल में पंचायती चुनाव करवाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दिन दहाड़े आतंकी हमले में दो पुलिसकर्मियों को मार दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में एक आतंकी को लेकर जाना भी सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं था। इस पर संसदीय मामलों के मंत्री अब्बदुल रहमान वीरी ने सरकार की तरफ से जवाब देकर विधायकों को शांत करने की कोशिश की लेकिन विधायकों ने उनकी बात अनसुनी करके हंगामा जारी रखा।