बीजिंग। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा में शानदार काम करने को लेकर अरूणाचल प्रदेश के पास तिब्बत में तैनात पीएलए के एक बटालियन को विशेष रूप से सम्मानित किया। सरकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक शी ने मानद उपाधियां दिए जाने पर हस्ताक्षर किया।

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रिपोर्ट में एक बयान के हवाले से बताया गया है कि ट्रूप 77656 को अपनी सीमाओं की सुरक्षा, स्थिरता कायम करने और आपदा राहत में मदद करने में शानदार काम करने को लेकर अब ‘मॉडल प्लेट्यू बटालियन’ उपाधि दी जाती है। हालांकि, खबरों में बटालियन की पहचान नहीं बताई गई है। वहीं भारतीय रक्षा अधिकारियों और रणनीतिक थिंक टैंकों ने कहा है कि यह गांगबा द्वितीय बटालियन है।

आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि यह अरूणाचल प्रदेश के पास तिब्बत के गांगबा काउंटी के शिगात्से शहर आधारित है। तिब्बत मिल्रिटी एरिया कमान के तहत काम करने वाले छह बटालियनों में यह एक है।

वास्तविक नियंत्रण रेखा 3488 किमी लंबा है। चीन कहता है कि सीमा विवाद 2,000 किलोमीटर क्षेत्र का है जो मुख्य रूप से अरूणाचल प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में स्थित है। वहीं, भारत कहता है कि यह विवाद समूचे एलएसी का है जिसमें अक्साई चिन भी शामिल है जिसे चीन ने 1962 के युद्ध के दौरान हथिया लिया था।

शी ने पनडुब्बी 372 को भी सम्मानित किया जिसके चालक दल ने उसे एक बड़ी आपदा का शिकार होने से बचाया था। एक अन्य बयान में शी ने चार सैन्य इकाइयों को सम्मानित करने के लिए प्रशस्ति पत्र पर हस्ताक्षर किए।