कपूरथला, (न्यूज़ DNN नेटवर्क): श्री कृष्ण जन्माष्टमी की रात को तो चार माह का राघव और चार माह की ही शनाया धीर बाल कृष्ण के रूप में आकर्षण का केंद्र रहे। हर को इन नवजात मासूमों के बाल कृष्ण के रुप में निहार कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। हर कोई इन्हें बाल्यकाल के माखन चोर के तौर पर न केवल दुलार कर रहे थे, बल्कि इनके छोटे चरणों को छूकर आर्शीवाद भी ले रहे थे।

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