पुलिस ने तीन किये काबू,बेचा गया बच्चा बीमार होने की वजह से पीजीआई में भर्ती
लुधियाना (न्यूज DNN network):- लुधियाना के थाना शिमला पुरी पुलिस ने नवजन्मे बच्चों की खरीदोफरोख्त करने के आरोपी गैंग का पर्दाफाश किया है|ये गैंग पहले गरीब वर्ग के दंपत्ति ढूंढते और फिर बच्चे की बेहतर परवरिश के सपने दिखा कर बच्चा गोद देने के लिए मना लेते थे|पूरा विश्वास हासिल करके यहीं से शुरू होता था बच्चे की खरीदोफरोख्त का घिनौना खेल| बच्चा हासिल करके ये गैंग किसी अमीर बेऔलाद दम्पति को लाखो में बेच देते|पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान शिमलापुरी निवासी अजीत सिंह, शहीद भगत सिंह नगर निवासी शरणजीत कौर व बसंत नगर, न्यू शिमलापुर निवासी शकुंतला रानी के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन लोगों ने कुछ दिन पहले ही शहीदभगत सिंह नगर के एक दंपति का चार माह का बच्चा, सेक्टर 47डी में रहने वाले दंपति को बेचा था। पता चला है कि बेचा गया बच्चा फिलहाल बीमार है और पी.जी.आई में भर्ती है।
थाना शिमलापुरी के एस.एच.ओ संजीव कपूर को इस बारे में सीक्रेट इंफॉरमेशन मिली। सूचना थी कि एक गिरोह बच्चों की खरीदो फरोख्त का काम करता है। इस पर उन्होंने ए.सी.पी बलविंदर सिंह व आला अधिकारियों को सूचित किया। जिस पर ए.सी.पी बलविंदर सिंह ने संजीव कपूर के नेतृत्व में टीम बनाई और रेड कर आरोपियों को काबू किया। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि बच्चों की इस खरीद-फरोख्त के मामले में आरोपी गरीब व मजबूर लोगों को अपना टॉरगेट बनाते थे। पहले इस गिरोह के लोग उन लोगों को अपनी बातों में उलझाते और उनका विश्वास हासिल करते। इसके बाद ये लोग उनसे बच्चे को खरीदते और आगे बेच देते। कुछ राशि वह दंपति को देते, जबकि ज्यादातर रुपए खुद हजम कर जाते।जानकारी के मुताबिक़ पकड़े गए तीनों लोगों का अपना अपना काम होता था। एक बड़ी कंपनी की तरह लॉइजनिंग करता, दूसरा समय और जगह, व तीसरा बच्चे को खरीदने के लिए ग्राहक लेकर आता।
– डेढ़ लाख में बेच डाला चार माह का नवजात बच्चा
जानकारी के मुताबिक़ शहीद भगत सिंह नगर की रहने वाली स्वर्णजीत अपने चार माह के बच्चे को इंजेक्शन लगाने के लिए डिस्पेंसरी जा रही थी। रास्ते में उसे नर्स शरणजीत कौर मिली जिसने उससे बच्चे की उम्र पूछी। स्वर्णजीत के घर के हालात ठीक नहीं थे। उसके पहले से तीन बच्चे थे। ऐसे में चौथे बच्चे की परवरिश कठिन थी। स्वर्णजीत से बातों बातों में शरणजीत ने सारे हालात पता किए।उसने स्वर्णजीत को बच्चे की अच्छी परवरिश की बात कही। इसके बाद उसने उसे शकुंतला से मिलवाया। इसके बाद 2 जून को आरोपी उनसे बच्चा ले गए। कहा जा रहा है कि इसके एवज में उन लोगों ने 50 हजार रुपए भी दंपति को दे दिए। यह शातिर आरोपी बच्चे के असल मां-बाप व जिन लोगों ने बच्चा खरीदना होता है, उन लोगों को आपस में मिलने नहीं देते थे।ए.सी.पी आत्म नगर बलविंदर सिंह के मुताबिक नवजात बच्चों को बेचने के आरोपियों को दबोच लिया गया है| बेचा गया बच्चा अभी बीमार है और पीजीआई हॉस्पिटल में जेरे इलाज है| उसके स्वस्थ होने पर वारिसों को सौंप दिया जाएगा|इस गैंग से पूछताछ के दौरान और खुलासे भी होने की सम्भावना हैआरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बेचा गया बच्चा, बीमार होने के कारण पी.जी.आई में भर्ती है। छुट्टी मिलते ही उसे वारिसों के हवाले कर दिया जाएगा। इस मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुल्लासे होने की उम्मीद है।

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