भुवनेश्वर।: राजधानी भुवनेश्वर में निर्माणाधीन एक ओवरब्रिज रविवार को अचानक ढह जाने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को उद्धार कर स्थानीय कैपिटल अस्पातल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

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हादसे में मरने वाले व्यक्ति का नाम सत्य पटनायक है जो स्थानीय मंचेश्वर इलाके का ही रहने वाले थे, वह अपनी बेटी शीतल पटनायक को डांस क्लास लेकर जा रहे थे कि यह हादसा हुआ। घायल बच्ची की भी हालत गम्भीर होने से उसे कैपिटल अस्पताल से निजी अस्पताल को रेफर कर दिया गया है। राहत एवं उद्धार के लिए 10 दमकल गाड़ी एवं क्रेन के जरिए मलवा को हटाया जा रहा है।

सेंट्रल फायर अधिकारी भावग्राही पाणीग्राही ने बताया कि 10 दमकल गाड़ी राहत एवं उद्धार कार्य में नियोजित किया गया है। गैस कटर के जरिए स्लाव को काटकर मलवे में दबे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। कटक से भी दमकल गाड़ी मंगाई गई है। इलेक्ट्रिक फायर कटर के जरिए स्लाव को टुकड़े टुकड़े में काटकर कर निकाला जा रहा है। ओड्राफ टीम भी मौके पर पहुंचकर राहत एवं उद्धार कर में जुटी हुई है। मौके पर पुलिस कमिश्नर से लेकर तमाम आला अधिकारी पहुंचकर उद्धार कार्य में जुटे हुए हैं।

जानकारी के मुताबिक, राजधानी भुवनेश्वर स्थित बमीखाल रविवार अपरान्ह एक बजे निर्माणाधीन ब्रिज ढह गया है। दोपहर के समय अचानक ब्रिज के ढह जाने से इसके नीचे कुछ लोगों के दबे होने की भी सम्भावना की जा रही है। भुवनेश्वर मेयर ने कहा है कि हमारी प्राथमिकता है पहले मलवे को हटाना। इसके लिए तेजी से काम चल रहा है।

सूचना मिलते ही भाजपा के राज्य अध्यक्ष बसंत पण्डा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर राउतराय के साथ तमाम राजनीतिक पार्टी के नेता मौके पर पहुंच गए थे। कैपिपटल अस्पताल में घायलों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। खबर के मुताबिक जिस समय यह हादसा हुआ है, ब्रीज पर लभग 40 श्रमिक काम कर रहे थे।

ब्रिज हादसे में मरने वाले परिवार को 5 लाख रुपया एवं घायल व्यक्ति के इलाज का पूरा खर्ज सरकार उठाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने की है। यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी।

दो इंजीनियर निलंबित

पूर्त विभाग के सचिव नलिनीकांत प्रधान ने जानकारी दी है कि इस हादसे में दो इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित होने वाले इंजीनियर में उप कार्यनिर्वाही इंजीनियर बंशीधर प्रहराज एवं सहकारी इंजीनियर किशोर राउत का नाम शामिल है। ⁠⁠⁠⁠

सरकार ने दिया जांच का निर्देश

भुवनेश्वर बमीखाल में निर्माणाधीन ब्रीज ढह जाने के मामले की जांच की जाएगी। किस परिस्थिति में यह ब्रीज गिरा है, इसके पीछे किसकी लापरवाही है, जांच की जाएगी। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्त विभाग के सचिव नलिनीकांत प्रधान ने यह निर्देश दिया है। पूर्त सचिव ने कहा है आज की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को उद्धार करना एवं मौके पर से मलवे को हटाना है, जो युद्ध स्तर पर चल रहा है।
आरडीसी अखिल बिहारी होता ने कहा है कि यह दुखद घटना है। घटना के बाद ओड्राफ, फायर टीम, पुलिस टीम सब उद्धार में लगे हुए हैं।

युद्ध स्तर पर चला फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने एवं मलवा हटाने काम
निर्माणाधीन ब्रीज गिर जाने के बाद फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने एवं मलवा हटाने काम प्रशासन की तरफ से युद्ध स्तर पर चला जा रहा है। खबर लिखे जाने तक ओड्राफ की टीम, फायर विभाग की टीम एवं क्रेन के जरिए उद्धार किया जा रहा है। गैस कटर के जरिए स्वाव व राड को काटकर स्लाव हटाया जा रहा है।

उद्धार प्रक्रिया में हुई देरी
हादसे के बाद आवश्यकीय सामग्री न होने से उद्धार प्रक्रिया में देरी हुई है। कुछ समय के बाद विभिन्न स्टेशनों से उद्धार कार्य के लिए जरूरी समाग्री मंगाई गई इसके बाद उद्धार प्रक्रिया शुरू हुई है।

ट्रैफिक जाम से लोग हुए परेशान
हादसा कटक-पुरी राज्य मार्ग पर होने के चलते वाहनों की लम्बी कतारें वैसे ही इस रास्ते पर लगी रहती हैं। ऐसे में हादसे के बाद रसुलगड़ से लेकर बमीखाल घटना स्थल एवं झारपड़ा ओवरब्रिज से लेकर घटना स्थल तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इससे लोगों को आवागमन में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।

2012 में शुरू हुआ था ब्रिज निर्माण कार्य

वर्ष 2012 में ब्रीज का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस ओवरब्रिज के निर्माण का दायित्व पंडा इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया गया था। ब्रीज का निर्माण कार्य सन 2014 में खत्म होना था, मगर यह कार्य आज तक भी पूरा नहीं हो पाया है। किस कारण से इस ब्रीज के निर्माण में इतनी देरी हुई है, वह संदेह के घेरे में है।